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हर कोने में बसे बाबर को लात मारकर भगाएंगे : हिमंत बिस्वा सरमा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. असम के मुख्यमंत्री व झारखंड भाजपा के चुनाव सह प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि राज्य में एनडीए की सरकार बननी तय है। कैबिनेट की पहली बैठक में ही हुसैनाबाद के नाम को मां गंगा में विसर्जित कर दिया जाएगा। यहां किसी भी शहर और जिले के नाम मुगल शासकों के नाम पर नहीं होंगे। मुगल शासकों से जुड़े नाम बदले जाएंगे। वे गुरुवार को एनडीए प्रत्याशियों के नामांकन के मौके पर जमशेदपुर के साकची स्थित बोधि मैदान में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि देश के हर कोने में जहां बाबर बसे हैं, उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर लात मार कर देश से भगाया जाएगा। सरमा झारखंड विधानसभा चुनाव-2024 के दौरान भाजपा की जीत के प्रति आशान्वित दिखे। उन्होंने संताल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ के कारण बदल रही डेमोग्राफी और झामुमो के चुनावी वादा के अनुरूप पांच लाख युवाओं को नौकरी नहीं देने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निशाने पर लिया। कहा-झारखंड में घुसपैठियों को वोट की तुष्टिकरण के लिए बुलाया जाता है।

झारखंड में हेमंत सोरेन व बन्ना गुप्ता की सरकार ने घुसपैठियों को यहां से भगाने के लिए कुछ नहीं किया। हमारी सरकार बनेगी तो हम घुसपैठियों को लात मार-मारकर झारखंड से बाहर निकालेंगे। सरमा ने कहा कि झामुमो और कांग्रेस को एक विशेष वर्ग का वोट चाहिए। अब समय आ गया है इनसे छुटकारा दिलाने पाने का। इसके लिए हमें काम करना होगा। झारखंड में हिंदुओं और आदिवासियों की सरकार बनेगी तभी यह संभव है। झारखंड में वर्तमान में घुसपैठियों, माफिया व दलालों की सरकार चल रही है।

मुख्यमंत्री हेमंत और उनकी पत्नी कल्पना को बंटी-बबली करार देते हुए सरमा ने कहा कि चुनाव के दौरान एक दूजे के लिए फिल्म की शूटिंग चल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनेते ही बालू फ्री कर दिया जाएगा। हेमंत सरकार ने बालू के साथ जो हाल किया है वह किसी से छुपा नहीं है। लोग आवास नहीं बना पा रहे हैं। चोरी-छिपे बालू मंगाया जा रहा है। अपनी बालू का इस्तेमाल यहां के लोग नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने माताओं-बहनों से मंइयां सम्मान योजना के झांसे में न आने की अपील की।

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सरमा ने कहा, राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार में सबसे ज्यादा महिलाओं पर अत्याचार हुए है। असुरक्षित महसूस कर रही हैं। हमारी सरकार बनेगी तो गोगो दीदी योजना के तहत माताओं-बहनों को 2100 रुपये देने की योजना को कैबिनेट की पहली बैठक में पारित किया जाएगा।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।