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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्वारका में सुदर्शन सेतु का किया लोकार्पण

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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गांधीनगर. लोकसभा चुनाव 2024 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी आज गुजरात को करोड़ों रुपये की सौगात देंगे। पीएम मोदी रविवार को सौराष्ट्र क्षेत्र के देवभूमि द्वारका और राजकोट जिलों में होने वाले दो कार्यक्रमों में शामिल होंगे। आज सुबह पीएम मोदी ने  अरब सागर पर बने देश के सबसे लंबे केबल आधारित पुल ‘सुदर्शन सेतु’ को राष्ट्र को समर्पित किया। इससे पहले पीएम मोदी ने द्वारका के मंदिर में पूजा अर्चना की और पुल को जनता को समर्पित किया। सुदर्शन सेतु को देश का सबसे लंबा सिग्नेचर ब्रिज कहा जा रहा है, जिसका पीएम मोदी ने आज उद्घाटन किया है।

पीएम मोदी का आज का पूरा शेड्यूल

पीएम मोदी ने रविवार (25 फरवरी) की सुबह 7:45 बजे बेयत द्वारका मंदिर में पूजा और दर्शन किया।

 सुबह 8:25 बजे पीएम मोदी ने सुदर्शन सेतु का दौरा किया।

सुबह 9.30 बजे पीएम द्वारकाधीश मंदिर गए।

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 दोपहर लगभग एक बजे पीएम मोदी द्वारका में 4150 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि की कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

साढ़े तीन बजे पीएम मोदी मोदी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) राजकोट गए।

दिन के 4:30 बजे राजकोट के रेसकोर्स मैदान में 48,100 करोड़ रुपये से अधिक राशि की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

सुदर्शन सेतु की खासियत

द्वारका में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में लगभग 980 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ओखा मुख्य भूमि और बेयत द्वारका द्वीप को जोड़ने वाले सुदर्शन सेतु को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह लगभग 2.32 किलोमीटर का देश का सबसे लंबा केबल पुल है। सुदर्शन सेतु का डिजाइन अद्वितीय है, जिसमें दोनों तरफ श्रीमद्भगवद गीता के श्लोकों और भगवान कृष्ण की छवियों से सुसज्जित एक पैदलपथ है। इस पैदलपथ के ऊपरी हिस्से पर सौर पैनल भी स्थापित किए गए हैं, जिससे एक मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।