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टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव को फ्रांस में किया गया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पेरिस. टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप के फाउंडर एवं सीईओ पावेल डुरोव को फ्रांस को पेरिस के बाहर स्थित बार्गेट एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डुरोव के खिलाफ पहले से ही वारंट जारी था और जब वह अपने प्राइवेट जेट से फ्रांस पहुंचे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. फ्रांस में टेलीग्राम पर कंटेंट मॉडरेशन में कमी बरतने का आरोप लगा है और फ्रांस पुलिस ने दावा किया है कि उनके प्लेटफॉर्म के जरिए कई गैर कानूनी कार्य जैसे ड्रग तस्करी, यौन शोषण संबंधित सामग्री साझा करना और मनी लॉड्रिंग जैसे कई कार्यों को अंजाम दिया जा रहा था. इसी मामले में अब फ्रांस पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.

क्यों हुई पावेल डुरोव की गिरफ्तारी?

पावेल डुरोव की गिरफ्तारी के मामले में अभी तक टेलीग्राम ने किसी तरह कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. वहीं फ्रांस सरकार और पुलिस ने भी इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी है. बता दें कि डुरोव की गिरफ्तारी तब की गई है, जब वह लोकल समय के अनुसार रात 8 बजे अजरबैजान से फ्रांस पहुंचे थे. खास बात ये है कि पिछले लंबे वक्त से पावेल डुरोव गिरफ्तारी के डर से फ्रांस और यूरोप के कई देशों की यात्रा करने से बच रहे थे.

मामले पर रूस ने क्या कहा?

इस मामले अभी तक टेलीग्राम का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, मगर रूस का विदेश मंत्रालय इस मामले पर अपनी नजर बनाकर रखे हुए हैं. रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वे स्थिति के स्पष्ट होने के बाद इस पर कदम उठाएंगे. इसके साथ ही पावेल डुरोव की रिहाई की मांग भी करेंगे.

कौन हैं पावेल डुरोव?

पावेल डुरोव का जन्म रूस में हुआ है. वह 39 साल के हैं और मैसेजिंग कंपनी टेलीग्राम के फाउंडर एवं सीईओ हैं. टेलीग्राम एक बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है. साल 2021 में फ्रांस और रूस की मीडिया ने जानकारी दी थी कि डुरोव फ्रांस के नागरिक बन गए हैं. टेलीग्राम को 2017 से दुबई से ऑपरेट किया जा रहा है. फोर्ब्स के मुताबिक डुरोव की नेट वर्थ 15.5 बिलियन डॉलर के आसपास है. अगर उनके ऊपर लगे आरोप साबित हो जाते हैं तो डुरोव को 20 साल तक की सजा हो सकती है.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।