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अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की बुजुर्गों के लिए पेंशन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि दिल्ली में अब 80 हजार और लोग वृद्धावस्था पेंशन के पात्र हैं जिसके साथ ही ऐसे लाभार्थियों की कुल संख्या बढ़कर 5.3 लाख हो गई है। केजरीवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुआ कहा कि दिल्ली सरकार सामाजिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और इस बात पर प्रकाश डाला कि और अधिक लोगों को वृद्धावस्था पेंशन देने का फैसला रविवार को कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जा रहा है।

दिल्ली सरकार ने पेंशन के वास्ते आवेदन करने वाले बुजुर्गों के लिए एक पोर्टल की शुरुआत की। केजरीवाल ने दावा किया कि उन्हें पहले ही 10,000 आवेदन मिल चुके हैं। केजरीवाल ने कहा बुजुर्गों की पेंशन रोकना पाप है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह जेल में थे उस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पेंशन रोक दी। उन्होंने कहा बाहर आने के बाद, हमने न केवल रुकी हुई पेंशन को फिर से शुरू किया बल्कि 80 हजार नए लाभार्थियों को भी जोड़ा। केजरीवाल ने कहा कि नए लाभार्थियों के जुड़ने के साथ ही दिल्ली में पेंशनभोगियों की कुल संख्या लगभग 5.3 लाख हो गई है।

केजरीवाल ने आगे दावा किया कि पेंशन के तौर पर दिल्ली में सबसे ज्यादा धनराशि दी जाती है जिसके तहत 60-69 वर्ष की आयु के बुजुर्गों को 2,000 रुपये और 70 वर्ष तथा उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को 2,500 रुपये प्रदान किए जाते हैं। संवाददाता सम्मेलन के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और मंत्री सौरभ भारद्वाज भी मौजूद थे।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।