लोड हो रहा है...

असदुद्दीन ओवैसी दिल्ली दंगे के आरोपी शाहरुख को दे सकते हैं टिकट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के दिल्ली प्रमुख शोएब जमाई ने दिल्ली दंगों के आरोपी शाहरुख पठान के परिवार से मुलाकात की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ओवैसी की पार्टी शाहरुख पठान को इस बार के विधानसभा चुनाव में मैदान में उतार सकती है। बता दें कि दिल्ली दंगों के आरोपी शाहरुख पठान फिलहाल जेल में है। शोएब जमई ने एक्स पर लिखा, ‘पिछले दिनों जेल में बंद शाहरुख पठान के घर पर उनकी मां से मेरी मुलाकात हुई। दिल्ली मजलिस (AIMIM) का एक डेलिगेशन उनके परिवार से मुलाकात करके उनके हालात और कानूनी सहायता के सिलसिले में बातचीत की है।’

उन्होंने आगे लिखा, ‘दिल्ली में इंसाफ की मुहीम में हमारा यह छोटा सा कदम कई परिवारों को हौसला देगा, जिनके बच्चे बिना ट्रायल के सालों से जेल में बंद है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार जमानत उन कैदियों का अधिकार है जिनके मामले लंबित हैं. उनकी मां का कहना है कि अरविंद केजरीवाल के इशारे पर ही उनके बेटे पर केस दर्ज किया गया और यह बात वह भूल नहीं सकेंगे।’ पठान पर दंगा करने, विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने वाले गैरकानूनी जमावड़े सहित कई अपराधों का आरोप है। पठान हिंसा के दौरान हेड-कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्तौल तानने और रोहित शुक्ला नामक व्यक्ति की हत्या की कोशिश के दो मामलों में आरोपी है। वह अभी तिहाड़ जेल में बंद है।

गौरतलब है कि दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थकों और विरोधियों के बीच फरवरी 20 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़क उठे थे जिनमें कम से कम 53 लोग मारे गए थे। उल्लेखनीय है कि 24 फरवरी 2020 को मौजपुर-जाफराबाद इलाके में सीएए के विरोध में हुए दंगे में शाहरुख पठान ने खुलेआम पुलिस हेड कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्तौल तान दी थी। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं।

साभार : अमर उजाला

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।