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बिजली का बिल अधिक और पानी गंदा था, इसलिए की थी मदद : प्रवेश वर्मा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी की ओर से वोट के बदले पैसे बांटने का आरोपों पर बीजेपी के पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके पिता ने एक संस्था बनाई थी (राष्ट्रीय स्वाभिमान संस्था). मेरी संस्था पुरानी है. पिता ने संस्कार दिए थे कि जरूरतमंदों की मदद करनी है. उन्होंने कहा, ”कोविड के समय भी लोगों की मदद की. संजय सिंह हमारे घर के आस पास घुम रहे हैं. आज अच्छा लग रहा है कि आतिशी और केजरीवाल मेरे कार्य की सराहना कर रहे हैं. पिछले 11 दिनों में जो यहां की महिलाओं का दुख देखा, वो केजरीवाल को आज तक नहीं दिखा.” उन्होंने साथ ही कहा कि जो भी महिला और बहन मेरे घर पर आएंगी, वे निराश होकर नहीं लौटेंगी. अभी आचार संहिता लागू नहीं है.

मेरे से दुख देखा नहीं गया- प्रवेश वर्मा

बीजेपी नेता ने आगे कहा, ”उनकी कॉलोनी में गया तो पता चला कि बिजली हजारों के आते हैं, पानी गंदा आता है. मेरे से दुख देखा नहीं गया और मैंने फैसला किया कि सभी महिलाओँ को अपनी संस्था की ओर से मासिक सहायता करेंगे. वॉलेंटियर्स ने जगह जगह पर कैंप लगाए. हमने फॉर्म भरे और सहायता राशि देनी शुरू की. खुशी है कि मैं कम से कम शराब नहीं बांट रहा हूं.”

मैं रुकने वाला नहीं हूं- प्रवेश वर्मा

नई दिल्ली विधानसभा में महिला की स्थिती खराब है. नई दिल्ली विधानसभा की माताओं और बहनों को कहना चाहता हूं कि मैं रुकने वाला नहीं हूं. उन्होंने ये भी कहा, ”करगिल के शहीदों के परिवार को भी हमलोग ने आर्थिक मदद की थी. हमारे पिताजी ने संस्था का निर्माण किया था. गुजरात के भूंकप में हमने मदद की. ओडिशा के साइक्लोन में हमलोग ने 4 गांव बसाये.”

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।