लोड हो रहा है...

गाय का शेड हटाने गए इंदौर नगर निगम कर्मचारियों से भिड़े बजरंग दल कार्यकर्ता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

भोपाल. इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में गाय शेड्स तोड़ने पहुंची नगर निगम की टीम पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। निगम कर्मचारियों को लाठियों से पीटा गया और उनकी गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की गई। यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जहां निगमकर्मियों को असुरक्षा का सामना करना पड़ा।

नगर निगम की कार्रवाई से बड़ा विवाद

नगर निगम की टीम, क्षेत्र में बने शेड्स को तोड़ने और वहां से गायों को हटाने के लिए पहुंची थी। अधिकारियों ने करीब दो गाड़ियों में गायों को भरकर हटाना शुरू किया, तभी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रास्ता रोक लिया और हिंसक झड़प शुरू कर दी। लाठियों और पत्थरों से हमला किया गया, जिससे निगम की गाड़ियों को काफी नुकसान हुआ।

शिकायतों के बाद हुई थी कार्रवाई

नगर निगम की उपयुक्त लता अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्र के निवासियों ने अवैध शेड्स को लेकर शिकायत की थी। इन शेड्स के कारण स्थानीय लोगों को दिक्कत हो रही थी, जिसके बाद निगम ने कार्रवाई की योजना बनाई। लता अग्रवाल ने कहा कि घटना के बाद इंदौर नगर निगम कमिश्नर से चर्चा की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घटना ने बढ़ाई कानून-व्यवस्था की चिंता

पुलिस की उपस्थिति के बावजूद नगर निगम कर्मियों पर हुए इस हमले ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।

- Advertisement -

साभार : इंडिया न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।