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अरविंद केजरीवाल ने ईडी हिरासत से जारी किया दूसरा आदेश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ईडी की हिरासत में रहते हुए सरकार चलाने के दौरान अपना दूसरा निर्देश जारी किया है. केजरीवाल सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बताया कि ये निर्देश स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने उन्हें आदेश दिया है कि मोहल्ला क्लिनिक में फ्री दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए.

आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीएम केजरीवाल दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंतित हैं. उन्होंने कहा, ”कुछ अस्पतालों में मुफ्त ब्लड टेस्ट के सैंपल उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में केजरीवाल को लगता है उनके जेल में जाने के कारण लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, ”मध्यम वर्गीय लोग अस्पताल जाएंगे तो दवाइयां खरीद सकते हैं, लेकिन गरीब के लिए ऐसा नहीं है. कई मरीज़ जिंदगी भर के लिए दवाइयों पर निर्भर हैं. जैसे कि शुगर के मरीज. इन टेस्ट के लिए वो हमारे मोहल्ला क्लिनिक पर ही निर्भर है.”

सौरभ भारद्वाज ने क्या कहा?

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुझे आदेश दिया है कि इसको लेकर जल्द से जल्द कदम उठाए जाएं. सभी अस्पतालों में दवाइयों, टेस्ट मुफ्त मिलें और उनकी उपलब्धता कम ना हो. हमारे लिए उनका (केजरीवाल) आदेश भगवान की तरह है. इससे पहले भी केजरीवाल एक निर्देश जेल में रहते हुए दे चुके हैं.

पहला निर्देश क्या दिया था?

इससे पहले केजरीवाल ने अपना पहला निर्देश शहर के कुछ इलाकों में पानी और सीवर से संबंधित समस्याओं को हल करने को लेकर दिया था. आतिशी ने कहा था कि शनिवार देर रात मिले इन निर्देशों से उनकी आंखों में आंसू आ गए. दरअसल, ईडी ने हाल ही में आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल को उनके आधिकारिक आवास से गिरफ्तार कर लिया था.  कोर्ट शुक्रवार को उन्हें 28 मार्च तक के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।