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पश्चिम बंगाल में चक्रवात रेमल का असर दिखना हुआ शुरू

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कोलकाता. बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ चक्रवात ‘रेमल’ (Cyclone Remal) रविवार आधी रात को लैंडफाल करेगा। इसे लेकर बंगाल में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। कोलकाता एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है। राज्य के तटीय इलाकों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 12 टीमों को तैनात किया गया है। नौसेना व भारतीय तटरक्षक बल भी अलर्ट पर है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, चक्रवात (Cyclone Remal) इस समय बंगाल की खाड़ी से 270 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व दिशा में है। इसके रविवार आधी रात को बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपूपाड़ा के बीच के तटवर्ती इलाकों से होकर गुजरने का पूर्वानुमान है। इसके प्रभाव से बंगाल के विभिन्न जिलों में अति भारी बारिश की आशंका है। 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

कोलकाता समेत बंगाल के विभिन्न जिलों के आसमान में रविवार सुबह से ही बदली छाई हुई है औऱ तेज हवाएं चलनी शुरू हो गई है। बीच-बीच में बारिश भी हो रही है। चक्रवात के बाबत राज्य सचिवालय नबान्न में कंट्रोल रूम खोला गया है। राहत सामग्रियों, जरूरी दवाओं व अन्य सभी जरुरी चीजों का भंडारण किया गया है। प्रभावित होने वाले लोगों के लिए राहत शिविरों की भी पर्याप्त संख्या में व्यवस्था की गई है। समुद्र में मछुआरों को 27 मई तक नहीं जाने और वहां मौजूद मछुआरों को तुरंत लौटने की पहले ही हिदायत दी जा चुकी है।

मौसम विभाग ने रविवार व सोमवार को बंगाल और उत्तरी ओड़िशा के तटीय जिलों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी दी है। बंगाल के दक्षिण और उत्तर 24 परगना जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन दो जिलों में बड़े नुकसान की आशंका है।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।