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एनआईए नकली नोट मामले में गिरफ्तार आरोपी औरंगजेब के करीबियों की कर रही है तलाश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. कुशीनगर में नकली नोटों का कारोबार करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस नकली नोट रैकेट चलाने वाले समाजवादी पार्टी नेता सहित 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. सूत्रों के मुताबिक अब नकली नोट मामले में एनआईए जांच कर सकती है. टीम एक सप्ताह के भीतर कुशीनगर आ सकती है. पकड़े गए तस्करों का नेपाल से कनेक्शन मिला है, गिरोह का सरगना औरंगजेब अक्सर नेपाल जाता था. उसके नेपाल और जाली नोट के  नेटवर्क की जांच होगी.

सपा ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

वहीं, फेक करेंसी मामले में पार्टी नेताओं का नाम जुड़ने पर सपा ने मोर्चा खोला है. पार्टी ने कुशीनगर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. सपा नेता व पूर्व मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी ने  आरोप लगाया कि सपा को बदनाम करने को लेकर पुलिस ने प्रायोजित कार्रवाई की है. कहा कि जिन 10 लोगों को पुलिस ने अन्य जगहों से गिरफ्तार दिखाया वह गलत है, सभी को 21 सितंबर को एक घर में चल रही दावत पार्टी से गिरफ्तार किया गया है. पूर्व मंत्री ने मामले की जांच की मांग की है.

मुख्तार और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष संग वायरल हुई तस्वीर

वहीं आरोपी औरंगजेब का मुख्तार अंसारी और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू के साथ साथ फोटो सामने आई है. कहा जा रहा है कि पुलिस कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को नोटिस जारी कर पूछताछ कर सकती है.

पुलिस को मिले  5.62 लाख के जाली नोट

यह गिरोह यूपी-बिहार की सीमा में जाली नोटों का कारोबार करता था.  गिरोह के तार नेपाल से भी जुड़े बताए जा रहे हैं. मामला नेपाल से जुड़ा होने की वजह से बीते दिनों कुशीनगर पुलिस एक्शन मोड में आ गई. पुलिस ने जाली नोटों के प्रकरण में गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों के पास से 5.62 लाख के जाली नोट, तमंचे और चार सुतली बम बरामद किए गए थे. इनके पास से लग्जरी गाड़ियां और अन्य सामान भी बरामद किए गए.

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अब तक 11 की हो चुकी गिरफ्तार

जाली नोटों की तस्करी मामले में अब तक पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बुधवार को पुलिस ने 11वें आरोपी मुस्तकीम को गिरफ्तार किया था. मुस्तकीम पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस मुठभेड़ में उसके पास से 30 हजार के जाली नोट, 10 हजार भारतीय करेंसी, एक तमंचा, चार जिंदा कारतूस सहित बाइक बरामद किए हैं.

साभार : जी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।