रविवार, सितंबर 13 2026 | 05:04:54 PM

संभल हिंसा पर सपा छात्र सभा के पोस्टरों को पुलिस ने कुछ देर बाद ही हटाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. संभल हिंसा को लेकर अब सियासत गरमाने लगी है। प्रयागराज में संभल हिंसा को लेकर पोस्टर वार शुरू हो गया है। सपा छात्र सभा के नेताओं ने प्रयागराज के सिविल लाइंस में सुभाष चौराहे पर हिंसा की तस्वीरों वाले बैनर–पोस्टर लगाकर राजनीति गरमा दी है। हालांकि बैनर–पोस्टर को कुछ ही देर में पुलिस ने हटवा दिया। संभल में मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा को लेकर समाजवादी पार्टी ने संभल की हिंसा को लेकर विवादित पोस्टर लगाकर सूबे की योगी सरकार पर सियासी निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी की छात्र सभा इकाई की तरफ से लगाए गए इस पोस्टर में लिखा गया था कि भाजपा का चुनावी मूल मंत्र गणतंत्र नहीं बल्कि गन तंत्र है।

इस पोस्टर में लिखा गया था कि प्रभुता के आवेश में बौखलाया है सुल्तान और सांप्रदायिकता की आग में जल रहा है हिंदुस्तान। पोस्टर में आगे लिखा गया है कि बीजेपी जनमत पर नहीं बल्कि गन मत पर विश्वास करती है। पोस्टर में संभल में हुई हिंसा की तस्वीर लगाकर लिखा गया है कि भाजपा के तानाशाही रवैए का एक दृश्य। हालांकि कुछ ही देर में पुलिस वहां पहुंच गई और उसने पोस्टर को हटवा कर उसे जब्त कर लिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टर आपत्तिजनक था इसलिए उसे हटाया गया है। इस मामले में जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। पोस्टर लगवाने के दौरान सपा छात्र सभा के नेता सद्दाम अहमद ने अपने बयान का वीडियो भी जारी किया है।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।