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स्वास्थ्य कारणों से आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास अस्पताल में भर्ती

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चेन्नई. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास को मंगलवार को स्वास्थ्य समस्या की वजह से चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, दास को मामूली स्वास्थ्य समस्या (एसिडिटी की शिकायत) हुई थी। RBI ने कहा है कि चिंता की कोई बात नहीं है।

RBI ने क्या बताया?

भारतीय रिजर्व बैंक ने गवर्नर शक्तिकांत दास के स्वास्थ्य को लेकर बयान भी जारी किया है। RBI ने बताया है कि दास को एसिडिटी की शिकायत हुई जिसके बाद उन्हें तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिजर्व बैंक ने कहा है कि चिंता की कोई बात नहीं है और उन्हें कुछ ही घंटों में अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

मिल सकता है सेवा विस्तार

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की तबीयत खराब होने की खबर ऐसे समय में सामने आई है जब केंद्र सरकार कथित तौर पर उनके कार्यकाल के दूसरे विस्तार पर विचार कर रही है। ये विस्तार शक्तिकांत दास को 1960 के दशक के बाद सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाला आरबीआई गवर्नर बना देगा। RBI गवर्नर के तौर पर शक्तिकांत दास की नियुक्ति दिसंबर 2018 में हुई थी। वह पांच-वर्षीय कार्यकाल को पहले ही पार कर चुके हैं।

RBI गवर्नर के तौर पर शक्तिकांत दास के कार्यकाल के दौरान मुद्रास्फीति के दबाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं समेत विभिन्न आर्थिक चुनौतियां सामने आई हैं। हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद शक्तिकांत दास ने हाल ही के एक इंटरव्यू में कहा था कि भारत संरक्षणवाद, व्यापार युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव सहित बाहरी झटकों से निपटने के लिए अच्छी तरह से तैयार है।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।