लोड हो रहा है...

अयोध्या से निकली श्रीराम की बारात, 3 दिसंबर को पहुंचेगी जनकपुर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. अयोध्या से जनकपुर के लिए अयोध्या के कारसेवकपुर में आज सुबह श्रीराम की बारात रवाना होने जा रही है। यह बारात 3 दिसंबर को जनकपुर पहुंचेगी। जहां विवाह की 3 दिनों की रस्म अदायगी के बाद 6 दिसंबर को जनकपुर के सीता मंदिर में हजारों भक्तों की मौजूदगी में बेहद भव्य वातावरण में सीता संग श्रीराम का विवाह होगा। यह विवाह मूर्तियों का होगा पर भगवान श्रीराम चारो भैया के स्वरूप भी अयोध्या से रवाना हो रहे हैं। भगवती सीता का स्वरूप जनकपुर से रहेगा। यह स्वरूप भी विवाह की रस्म से जुड़ेंगे।

आजमगढ़ होते हुए जनकपुर पहुंचेगी बारात

चार रथ पर भगवान श्री राम अपने चारों भाइयों के साथ विराजमान हैं, नेपाल और भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों के जल भगवान की बारात में शामिल है। भगवान श्री राम मां जानकी के धाम के लिए हुए रवाना, आजमगढ़ होते हुए जनकपुर बारात जाएगी। इस दौरान कई जगहों पर भव्य स्वागत होगा ।

22 से ज्यादा गाड़ियां अयोध्या से रवाना हुईं

भगवान श्री सीताराम विवाह महोत्सव की रामनगरी में है धूम, रामनगरी से निकली भगवान श्री राम की बारात, जनकपुर के लिए हुए रवाना 200 से ज्यादा श्रद्धालु,राम बारात में शामिल हैं। 22 से ज्यादा गाड़ियां भगवान के विवाह महोत्सव के लिए अयोध्या से रवाना हुईं।

साभार : दैनिक भास्कर

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।