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इमरान खान समर्थकों को इस्लामाबाद में देखते ही गोली मारने का आदेश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस्लामाबाद के रेड जोन में स्थित डी-चौक तक पहुंचने में कामयाब रहे इमरान खान के समर्थकों पर फायरिंग की और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इस इलाके में अधिकांश सरकारी इमारतें स्थित हैं. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के हजारों सदस्य जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री की रिहाई के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इससे पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि रेड जोन में सेना तैनात की गई है. यह सरकार द्वारा अनुच्छेद 245 लागू करने के बाद हुआ है. अब तक 4,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इन झड़पों में अब तक कम से कम 6 लोगों की मौत होने की खबर है. जिनमें 4 पाकिस्तानी रेंजर बताए जा रहे हैं.

विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने शुक्रवार से इमरान खान के 4,000 से ज्यादा समर्थकों को हिरासत में लिया है और कुछ इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं. सरकार ने बताया कि राजधानी के नजदीक प्रदर्शनकारियों के दो दिनों तक चले संघर्ष में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और नौ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. गुरुवार को एक अदालत ने राजधानी में रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया और गृह मंत्री नकवी ने चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को गिरफ़्तार किया जाएगा.

अमेरिकी विदेश विभाग ने पाकिस्तानी लोगों के शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने के अधिकार के लिए समर्थन जताया और पाकिस्तानी अधिकारियों से मानवाधिकारों और आजादी का सम्मान करने का आग्रह किया. विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने संवाददाताओं से कहा कि हम प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने और हिंसा से दूर रहने की अपील करते हैं और साथ ही, हम पाकिस्तानी अधिकारियों से मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता का सम्मान करने और कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करते समय पाकिस्तान के कानूनों और संविधान का सम्मान सुनिश्चित करने की अपील करते हैं.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।