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सड़क दुर्घटना में दो भोजपुरी अभिनेत्रियों व दो गायकों का निधन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. फिल्म जगत से लगातार एक के बाद एक दुखद खबर सामने आ रही है। जहां बीते दिनों 26 फरवरी को वेटरन गजल गायक पंकज उधास का निधन हो गया तो वहीं अब पॉपुलर वेब-सीरीज ‘पंचायत 2’ में काम कर चुकीं भोजपुरी एक्ट्रेस समेत 3 और भोजपुरी स्टार्स के निधन की खबर सामने आ रही है। खबर है कि भोजपुरी फिल्म एक्ट्रेस आंचल तिवारी और सिमरन श्रीवास्तव की एक सड़क हादसे में मौत हो गई है। वहीं इस हादसे में सिंगर छोटू पांडे, विमलेश पांडे के साथ 9 और लोगों की मौत भी हुई है। खबरों के अनुसार ये हादसा बिहार के कैमूर जिले में हुआ। एक साथ भोजपुरी के चार लोगों की मौत ने पूरे इंडस्ट्री को दहला कर रख दिया है। इन स्टार्स की मौत से हर तरफ शोक का माहौल है।

इन लोगों ने हादसे में गवाई जान

बता दें कि यह सड़क हादसा  रविवार शाम को देवकली गांव के पास जीटी रोड पर हुआ था। मरने वालों की पहचान सोमवार सुबह हुई है। इसके बाद पुलिस ने एक बयान जारी कर इन चारों उभरते हुए सितारों कि मौत की पुष्टि की है। वहीं अन्य मृतक में प्रकाश राम, अनु पांडे, दधिबल सिंह, बागीश पांडे और सत्य प्रकाश मिश्रा के रूप में पहचाने गए हैं।

पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस ने इस मामले में बात करते हुए बताया कि करीब आठ लोगों एक गाड़ी में जा रहे थे, जिसकी टक्कर पहले एक मोटरसाइकिल से हुई। जिसके बाद दोनों का बैलेंस बिगड़ गया और दोनों दूसरी लेन में चले गए जहां एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मारी। भिड़त इतनी तेज थी कि घटनास्थल में ही मोटरसायकिल चालक के साथ ही गाड़ी में बैठे आंचल तिवारी और सिमरन श्रीवास्तव समेत आठ लोगों की मौत हो गई। फिलहाल इस खबर ने हर किसी को सकते में डाल दिया है। फैंस इस खबर पर अब भी विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।