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दोषी करार दिए गए आप विधायक प्रकाश जारवाल, 13 मार्च को सुनाई जाएगी सजा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. राउज एवेन्यू की एक विशेष अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक प्रकाश जारवाल को साल 2020 में एक डॉक्टर की खुदकुशी मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया। जारवाल के साथ दो अन्य को भी इस मामले में मुजरिम माना गया। केस डॉक्टर राजेंद्र सिंह (52) की खुदकुशी का है जो साउथ दिल्ली के दुर्गा विहार इलाके में 18 अप्रैल, 2020 को मृत पाए गए थे। मृतक ने सुसाइड नोट में अपने इस कदम के लिए जारवाल को जिम्मेदार ठहराया था। सिंह 2005 से दिल्ली जल बोर्ड के साथ पानी की सप्लाई के कारोबार में शामिल थे। दोषियों की सजा के मुद्दे पर सुनवाई के लिए अदालत ने 13 मार्च की तारीख दी है।

स्पेशल जज एम के नागपाल ने देवली से विधायक और दो अन्य के खिलाफ मामले में बुधवार को अपना फैसला सुनाया। अभियोजन के केस के मुताबिक, जारवाल और उनके साथी मृतक सहित अन्य टैंकर मालिकों से जबरन वसूली करते थे। मृतक के बेटे हेमंत सिंह की शिकायत पर देवली विधानसभा इलाके के विधायक को जबरन वसूली और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में 9 मई, 2020 में गिरफ्तार किया गया था। जून 2020 में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से छूटे थे।

जारवाल ने अपने बचाव में गवाही देते हुए अदालत से कहा था कि वह बेकसूर हैं। मृतक शारीरिक और मानसिक कष्ट से जूझ रहा था। मृतक का टैंकर एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद बंद किया गया था। 2021 में आप विधायक और मामले में दो अन्य के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। अदालत ने तब अपने आदेश में कहा था कि मौजूदा मामले में प्रकाश जारवाल और कपिल नागर के हाथों मृतक की लगातार प्रताड़ना के आरोप हैं, जिनसे प्रथम दृष्टया ऐसी परिस्थितियां बन गई थीं कि मृतक के पास खुदकुशी के सिवा कोई विकल्प नहीं बचा।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।