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संभल हिंसा में अफवाह फैलाने वाले फरहत को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हुई हिंसा मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. इसका नाम फरहत बताया जा रहा है. आरोप है कि संभल हिंसा के दौरान उसने भड़काऊ बातें कहीं और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कराया. फरहत की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक कुल 28 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक संभल हिंसा के दौरान आरोपी फरहत ने दंगे का एक वीडियो बनाया था, जिसमें वो लोगों को उकसाने वाली बातें कहता हुआ दिखाई दे रहा है. जिसके बाद उसने इस वीडियो को उसने सोशल मीडिया पर भी वायरल करवाया. फरहत की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक 28 उपद्रवियों को पकड़ लिया गया है. इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं.

जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन अलर्ट

संभल हिंसा के बाद से पूरे इलाके में भारी सुरक्षा बदलों को तैनात किया गया है. वहीं कल जामा मस्जिद में जुमे की नमाज होने वाली है, जिसे लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया हैं. इसे देखते हुए बुधवार को पुलिस प्रशासन ने एक हाई लेवल की बैठक की जिसमें तमाम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई. वहीं संभल में अब भी एहतियात बरतते हुए इंटरनेट को बंद रखा गया है. बता दें कि 24 नवंबर रविवार को जिला अदालत के आदेश पर एक टीम संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के लिए पहुंची थी. जिसके बाद अचानक बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी थी और उन्होंने पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद भीड़ ने हिंसक रूप ले लिया और कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की और उन्हें आग के हवाले कर दिया. जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई.

पुलिस ने अब तक इस मामले में 28 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर एक-एक आरोपी की पहचान की जा रही है. पुलिस ने बुधवार को फुटेज के आधार पर 45 उपद्रवियों के पोस्टर जारी किए. जिसमें बहुत से उपद्रवियों का नाम और उनका पता भी सार्वजनिक कर दिया गया है. पुलिस का कहना है कि हिंसा में हुए नुक़सान की भरपाई भी उपद्रवियों से ही की जाएगी. वीडियो के आधार पर अब तक 100 से ज्यादा आरोपियों को चिह्नित किया जा चुका है.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।