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जापान में तूफान ‘शानशान’ से उड़ी घरों की छतें, टूटी खिड़कियां

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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टोक्यो. जापान के दक्षिण-पश्चिमी द्वीप क्यूशू पर तूफान ‘शानशान’ ने दस्तक दे दी है। इसके कारण भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। वहीं, घरों की छतें उड़ गईं, खिड़कियां टूट गईं और जगह-जगह पेड़ गिरे हुए नजर आए। वहीं, अधिकारियों ने हजारों लोगों को जगह खाली करने की सलाह दी।

करीब आठ बजे आया तूफान

मौसम विभाग ने बताया कि शक्तिशाली तूफान सुबह करीब आठ बजे टकराया। यह 252 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था। वहीं, कागोशिमा प्रान्त के अधिकांश हिस्सों में विशेष तूफान की चेतावनी जारी की गई है। इसके कारण सार्वजनिक परिवहन संचालकों ने रेलगाड़ियां और उड़ानें रद्द कर दी गई है। तूफान उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है।

ढाई लाख लोग बिना बिजली के रह रहे

क्यूशू के बिजली विभाग ने बताया कि 2,54,610 घरों में बिजली गुल है। जापान मौसम विज्ञान कार्यालय ने कहा कि कागोशिमा में खतरनाक तूफान और ऊंची लहरों की विशेष चेतावनी जारी की जा रही है। तूफान, तेज हवा और ऊंची लहरों के साथ-साथ भूस्खलन, निचले इलाकों में बाढ़ और दक्षिणी क्यूशू में उफनती नदियों को देखते हुए अधिक सतर्कता बरतें।

कई दिनों से हो रही भारी बारिश

मौसम विभाग ने आगे कहा कि कृपया यह भी सलाह दी जाती है कि शुक्रवार के पास आते ही पश्चिमी जापान में भारी बारिश के कारण आपदा का खतरा तेजी से बढ़ सकता है। तूफान शानशान के कारण मंगलवार से जापान के बड़े हिस्सों में भारी बारिश हो रही है।

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तीन की मौत

स्थानीय सरकारी अधिकारियों ने बताया कि मध्य आइची प्रांत के गामागोरी शहर में भूस्खलन से एक घर के ढह जाने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में 70 साल का एक दंपती और 30 साल का एक बेटा शामिल है। वहीं, 40 साल की दो वयस्क बेटियां बच गईं। दक्षिणी क्यूशू के लिए मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह तक 48 घंटों में 1,100 मिलीमीटर (43 इंच) वर्षा की भविष्यवाणी की।

मैं हैरान था…

एक स्थानीय निवासी ने बताया, ‘हमारे घर की छत पूरी तरह उड़ गई। हालांकि, जब यह हुआ तब मैं घर पर नहीं था, लेकिन मेरे बच्चों ने बताया कि उन्होंने भूकंप की तरह तेज झटके महसूस किए थे। मैं हैरान था। यह पूरी तरह से हमारी कल्पना से परे था।’ वाहन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टोयोटा ने जापान में अपने सभी 14 कारखानों में उत्पादन बंद कर दिया है।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।