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बजरंग दल ने लगाए दीपावली पर हिन्दुओं से ही खरीददारी करने वाले पोस्टर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

भोपाल. दीपावली के अवसर पर बजरंग दल ने “अपना त्योहार, अपनो से व्यवहार” के संदेश के पोस्टर लगाए, है। इन पोस्टरों में केवल हिंदू दुकानदारों से दीपावली की खरीदारी करने की अपील की गई है, जिसे लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी जुबानी जंग शुरू हो गया है। इन पोस्टर अभियान को कांग्रेस ने समाज में भेदभाव फैलाने वाला करार दिया है। वहीं भाजपा ने इसे “स्वदेशी को बढ़ावा देने” की अपील बताया है। बजरंग दल की तरफ से लगाए गए पोस्टर में संदेश दिया गया है कि दीपावली हिंदुओं का त्यौहर है। आप हिंदुओं से ही खरीदारी करें। इस तरह के पोस्टर भोपाल में अलग-अलग जगह पर लगे है। इस पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत प्रचार प्रमुख जितेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि बजरंग दल का उद्देश्य है कि दीपावली पर हिंदू समुदाय का व्यापार और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो, ताकि इस पावन अवसर को सभी समृद्धि और श्रद्धा के साथ मना सकें।

कांग्रेस ने कहा यह समाज में भेदवभाव बढ़ाने वाला कदम

कांग्रेस प्रवक्ता अवनीश बुंदेला ने पोस्टर को निंदनीय करार देते हुए कहा कि यह कदम समाज में भेदभाव और वैमनस्यता को बढ़ावा देने वाला है। बजरंग दल का यह बयान हमारे धार्मिक और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है। दीपावली पर हर साल फूल, सब्जी और अन्य सामग्री की खरीद अन्य धर्मों के व्यापारियों से होती है। क्या इससे भगवान की पूजा अधूरी हो जाएगी?

दीपावली मनाने वालों के साथ ही दीपावली मनानी चाहिए

बजरंग दल के पोस्टर पर भाजपा प्रवक्ता मिलन भार्गव ने कहा कि पोस्टर में बिल्कुल ठीक लिखा है। जो दीपावली मनाते है उनके साथ ही दीपावली मनानी चाहिए। भारत की संस्कृति कहती है कि विश्व एक परिवार है। हम इसी पर काम करते हैं। अपने विचारों को बढ़ाने जो करना है वो करेंगे।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।