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सीबीआई के बाद शाहजहां शेख को अब ईडी ने किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कोलकाता. ईडी ने राशन घोटाले में शाहजहां शेख को शनिवार शाम जेल में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बशीरहाट सब-डिवीजनल अदालत ने ईडी को शाहजहां से जेल में पूछताछ की अनुमति दी थी, जिसके बाद जांच एजेंसी की एक टीम ने शनिवार दोपहर बशीरहाट जेल जाकर कड़ी पूछताछ की।

जिरह के दौरान उसने कई सवालों से बचने की कोशिश की। जांच में असहयोग करने पर ईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। शाहजहां की यह तीसरी बार गिरफ्तारी है। सबसे पहले उसे बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद सीबीआई ने उसे अपनी हिरासत में लिया। मालूम हो कि बंगाल में आम लोगों को दिए जाने वाले राशन का एक बड़ा हिस्सा खुले बाजार में बेच दिया गया था।

सीबीआई के बाद ईडी ने गिरफ्तार किया

यह घोटाला लगभग दस हजार करोड़ का बताया जा रहा है। सीबीआई की रिमांड की मियाद पूरी होने पर शाहजहां को जेल भेज दिया गया था। अब ईडी ने उसे गिरफ्तार किया है। शाहजहां ईडी और सीएपीएफ कर्मियों पर हमले का भी मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। सीबीआई ने शाहजहां से लंबे समय तक पूछताछ की है, लेकिन ईडी को अवसर नहीं मिल पा रहा था इसलिए उसने पूछताछ के लिए अदालत में आवेदन किया था। ईडी शाहजहां के विभिन्न ठिकानों पर छापामारी कर उसकी 13 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है।

सीबीआई ने मुख्य आरोपितों को बचाने की कोशिश का किया दावा

संदेशखाली में ईडी की टीम पर हमले की घटना की जांच कर रही सीबीआइ ने मुख्य आरोपितों को बचाने की कोशिश किए जाने का दावा किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी मामले में गिरफ्तार सात लोगों में से तीन के गोपनीय बयान दर्ज करना चाहती है, जो इस वक्त उसी की हिरासत में हैं। सीबीआई ने इस बाबत बशीरहाट अदालत में आवेदन किया है।

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वारदात के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे

सीबीआई का कहना है कि पुलिस ने संदेशखाली कांड के मुख्य आरोपितों को बचाकर उनकी जगह सात लोगों को आरोपित बनाकर पेश किया है। मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके स्वजन का कहना है कि वारदात के समय वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।