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बस खाई में गिरने से उत्तर प्रदेश के 21 लोगों की मौत, 40 घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू के अखनूर में गुरुवार दोपहर तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस 150 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई। 40 लोग घायल हैं। मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। घायलों को जम्मू के अखनूर अस्पताल और जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा जम्मू-पुंछ राजमार्ग पर हुआ। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बस में उत्तर प्रदेश के हाथरस के करीब 90 लोग सवार थे। हाथरस से शिव खोरी जा रहे थे। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हादसे की वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। इधर, केंद्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा की है। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने दुख जताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने घटना पर दुख जताया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने X पर लिखा, “जम्मू के पास अखनूर में एक बस दुर्घटना में लोगों की मौत के बारे में जानकर दुख हुआ। मृतकों के परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करती हूं।”

6 महीने पहले भी ऐसा हादसा हुआ था

15 नवंबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के अस्सार इलाके में एक बस 300 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे में 9 महिलाओं समेत 38 लोगों की मौत हुई थी। बस किश्तवाड़ से जम्मू जा रही थी। पुलिस और SDRF की टीमों के साथ स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव का काम किया था। बस बुरी तरह डैमेज हो गई थी इसलिए इसे काटकर डेड बॉडी और घायलों को बाहर निकालना पड़ा था। घायलों को किश्तवाड़ जिला अस्पताल और डोडा के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) में भर्ती कराया गया था। कुछ लोगों को जम्मू एयरलिफ्ट किया गया था।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।