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उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ विधेयक विधानसभा में पास

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा में लव जिहाद बिल पास हो गया है. इस विधेयक में जबरन धर्मांतरण पर उम्र कैद का प्रावधान है. बेल मिलने में भी तमाम शर्तें लगाई गईं हैं. बता दें छल-कपट या बलपूर्वक कराए गए मतांतरण के मामलों में कानून और सख्त होगा. अब किसी महिला को अपने जाल में फंसाकर मतांतरण कराकर उत्पीड़न की घटना यानी ‘लव जिहाद’ के दोषियों को पहली बार उम्रकैद तक की सजा होगी. अवैध मतांतरण की गंभीर घटनाओं की रोकथाम के लिए सरकार ने कानून का दायरा और सजा की अवधि बढ़ाई है.

उत्तर प्रदेश में अब लव जिहाद के दोषियों को पहली बार उम्रकैद तक की सजा होगी. अवैध मतांतरण की गंभीर घटनाओं की रोकथाम के लिए सरकार ने कानून का दायरा और सजा की अवधि बढ़ाई है. विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक-2024 पेश किया गया था. अवैध मतांतरण के मामले बढने पर सीएम योगी ने कड़ा कानून बनाने का निर्देश दिया है.

अखिलेश क्या बोले?

यूपी में लव जिहाद से जुड़े कानून पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा से क्या उम्मीद करोगे. ये नौकरी नहीं देगी. ये हारी भी इसलिए ही है क्योंकि इन्होंने नौकरी नहीं दी. ये जो कांवड़ में तख्ती लगवाई थी, ये जो काम कर रहे हैं, ये फिर हारने जा रहे हैं.  सांप्रयदायिकता का दिया बुझने से पहले फड़फड़फड़ा रहा है. इस देश से सांप्रदायिकता की राजनीति खत्म होने जा रही है.

धर्मांतरण विरोधी कानून पर उत्तर प्रदेश के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा- आज उत्तर प्रदेश विधानसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी गई. पहला विधेयक उन व्यक्तियों और संगठनों से संबंधित है जो लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन करके उत्तर प्रदेश के सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे. ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए हमारी सरकार ने जबरन धर्म परिवर्तन में शामिल लोगों के लिए दंड और जुर्माने की कठोरता बढ़ा दी है.” .

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।