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कंगना रनौत की आने वाली फिल्म ‘इमरजेंसी’ पर तेलंगाना में लग सकता है प्रतिबंध

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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हैदराबाद. बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी की सांसद कंगना रनौत की अपकमिंग फिल्म ‘इमरजेंसी’ थिएटर्स में रिलीज होने से पहले ही विवादों के घेरे में फंसती जा रही है. सबसे पहले इस फिल्म का विरोध पंजाब में सिख समुदाय ने किया था. उनके मुताबिक इस फिल्म में सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है. इस बीच अब तेलंगाना से ऐसी खबर सामने आ रही है जो कंगना रनौत के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक तेलंगाना सरकार कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ पर बैन लगाने के बारे में सोच रही है. इसको लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सिख समुदाय के नेताओं को आश्वासन भी दिलाया है.

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी  की सरकार के सलाहकार मोहम्मद अली शब्बीर ने इस फिल्म को लेकर बताया है कि इस फिल्म में सिख समुदाय को ऐतिहासिक रूप से गलत दर्शाया गया है. साथ ही सिखों की छवि को खराब करने की कोशिश भी की है. जानकारी के मुताबिक पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी तेजदीप कौर मेनन के नेतृत्व में तेलंगाना सिख सोसाइटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी एडवाइजर मोहम्मद अली शब्बीर से इस फिल्म को लेकर चर्चा की . बातचीत के दौरान सिख संगठन ने ‘इमरजेंसी’ फिल्म की स्क्रीनिंग पर बैन लगाने की मांगों को सरकार के सामने रखा.

सिख सोसाइटी ने राज्य सरकार को सौंपी रिपोर्ट

तेलंगाना सिख सोसाइटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपी है जिसमें बताया गया है कि कंगना रनौत की फिल्म में सिखों को ‘आतंकवादी’ और ‘देश-विरोधी’ के रूप में दिखाया गया है. जोकि पूरे समुदाय के लिए अपमानजनक है और ये सिखों की छवि को खराब कर रहा है. इसके रिपोर्ट के बाद शब्बीर ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को सिख समुदायों की मांगों से अवगत कराया है. जिसके बाद सरकार की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि सरकार इस फिल्म को बैन करने पर विचार करेगी.

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साभार : इंडिया न्यूज़ पोर्टल

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।