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उ.प्र. विधानसभा सहित कई सरकारी कार्यालयों में भरा बारिश का पानी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उमस भरी गर्मी के बीच जोरदार बारिश दर्ज की गई. लोगों को गर्मी से तो राहत मिल गई, लेकिन जलभराव की समस्या परेशानी का सबब बन गई. सड़कों पर भारी जलभराव के साथ ही प्रशासनिक भवनों में भी पानी भरने लगा. यहां तक कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा परिसर तक में पानी भर गया. वहां मौजूद कर्मचारी बाल्टी से पानी निकालते दिखाई दिये.

राजधानी लखनऊ का मुख्य हजरतगंज चौराहा तालाब बन गया है. यहां भारी जलभराव हुआ है. इससे नगर निगम के दावे खोखले साबित हो रहे हैं. राजधानी में सीवर सफाई न होने का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. कई इलाकों में सीवर सफाई के नाम पर मजाक किया गया. सीवर चोक होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है. राजधानी स्थित कई सरकारी दफ्तरों में पानी भर गया है. इतना ही नहीं बल्कि विधानसभा के गेट नबंर 7 के सामने भी पानी भरा हुआ है.

जलभराव की वजह से ऐसे हालात हैं कि विधानसभा परिसर की तरफ आती गाड़ियां पानी में चल रही हैं. परिसर के भीतर से निकलते कर्मचारी अपने पैंट ऊपर कर भीगने से बचते हुए दिखाई दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि गेट नंबर 7 के सामने पानी भरा होने की वजह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गेट नंबर एक की तरफ से बाहर लाया गया. बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है. इसी बीच बुधवार को हुई बारिश से पूरा शहर लबालब हो गया. विधानसभा परिसर में भी भंयकर पानी भर गया है, ऐसे में कर्माचरियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लखनऊ नगर निगम में भी पानी भर गया है. इस परिसर की छत लीक हो रही है.

साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।