लोड हो रहा है...

हुसैनगंज के दिलकुशा प्लाजा में मिले प्राचीन मंदिर का सर्वे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की टीम मंगलवार को हुसैनगंज के दिलकुशा प्लाजा पहुंची। कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में मंदिर का सर्वे किया गया। एलडीए के जोनल अधिकारी शशि भूषण ने बताया, मामले में LDA को शिकायत मिली थी। उसी के आधार पर जांच करने पहुंचे हैं। मौके पर मंदिर मिला है। शशि भूषण ने बताया, कॉम्प्लेक्स से संबंधित तमाम पहलू और कागजात की जांच होगी। मंदिर पहले से था या कॉम्प्लेक्स पहले से था, इन सभी बिंदुओं पर जांच करके नोटिस भेज जाएगा। कॉम्प्लेक्स के मालिक से इस संबंध में जवाब तलब किया जाएगा। जवाब नहीं मिलने पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

LDA टीम के साथ पहुंचे अयोध्या सद्भावना समिति के महासचिव पंडित अमरनाथ मिश्रा ने कहा कि हम लोग लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारी आस्था के विपरीत मंदिर के ऊपर दिलकुशा प्लाजा को बनाया गया। 30 साल पहले इस मंदिर को कॉम्प्लेक्स से ढक दिया गया था। आज LDA की टीम ने जांच किया है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कार्रवाई होगी। फिलहाल टीम जांच करके जा चुकी है उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपेंगे। उसके बाद कॉम्प्लेक्स का निर्माण करने वाले बिल्डर को नोटिस जारी किया जाएगा।

मौके पर मौजूद राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि कॉम्प्लेक्स में उनकी दुकान है। एलडीए की टीम आई थी हमने उन्हें सारी चीजों से अवगत करा दिया है। टीम ने पूरे कॉम्प्लेक्स का सर्वे किया। हम सभी लोग यहां पूजा करते हैं। मंदिर में पूजा करने के लिए पुजारी भी रखा गया है, दो टाइम पूजा होती है। हम स्वयं इस मंदिर में 35 साल से पूजा कर रहे हैं। जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह गलत हैं।

साभार : दैनिक भास्कर

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।