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पाकिस्तान में महसूस किये गए भूकंप के हलके झटके, 11 अप्रैल को भी आया था भूकंप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

इस्लामाबाद. एक तरफ पाकिस्तान को भारत के हमले का डर सता रहा है तो अब प्रकृति भी पाकिस्तान को डरा रही है. दरअसल, पाकिस्तान में बुधवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. जिससे लोग जान बचाकर अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर भागने लगे. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, पाकिस्तान में बुधवार रात नौ बजकर 58 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.4 दर्ज की गई. हालांकि इस भूकंप से अभी तक किसी भी तरह के जान या माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है. लेकिन इस भूकंप से ऐसा लग रहा है कि पाकिस्तान को अब भारत ही नहीं बल्कि प्रकृति भी सबक सिखाना चाहती है.

11 अप्रैल को भी आया था पाकिस्तान में भूकंप

बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान में 11 अप्रैल को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. उस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 दर्ज की गई थी. पाकिस्तान में आए उस भूकंप का असर भारत के जम्मू-कश्मीर में भी महसूस किया गया था. उससे पहले मार्च के आखिर में आए भूकंप ने म्यांमार में भारी तबाही मचाई थी. म्यांमार के सरकारी दैनिक द मिरर की रिपोर्ट में बताया गया कि इस भूकंप के चलते 28 अप्रैल तक 3,770 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके साथ ही 5,106 लोग घायल हुए जबकि 106 लोग अभी भी लापता है.

भारत के एक्शन से खौफ में है पाकिस्तान

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी. जबकि कई लोग घायल हुए थे. इस आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए है. जिससे पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और लगातार धमकी दे रहा है. लेकिन इस बीच पाकिस्तान में आए भूकंप ने एक बार फिर से दहशत फैला दी है. पाकिस्तान को एक तरफ भारत के हमले का डर सता रहा है तो अब भूकंप से भी पड़ोसी देश खौफ में आ गया है.

साभार : न्यूजनेशन

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।