लोड हो रहा है...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज फिल्मी सितारों पर जारी किए डाक टिकट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को विश्व ऑडियो विजुअल एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) का उद्घाटन किया। इसमें भारतीय मनोरंजन उद्योग के दिग्गजों को श्रद्धांजलि दी गई। सुपरस्टार नागार्जुन ने स्टेज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी ने भारतीय सिनेमा की बड़ी हस्तियों के सम्मान में डाक टिकट जारी किए। ये डाक टिकट फिल्म निर्माता गुरु दत्त, ऋत्विक घटक, राज खोसला, संगीतकार-गायक-कवि सलिल चौधरी और अभिनेता पी. भानुमति के नाम जारी किए गए।

पहले जारी किए जा चुके हैं टिकट

नागार्जुन मंच पर आए और कहा ‘वेव्स समिट भारत की भावना का जश्न मनाता है। 55वें आईएफएफआई के दौरान, भारतीय सिनेमा के चार दिग्गजों- राज कपूर, मोहम्मद रफी, तपन सिन्हा और मेरे पिता अक्किनेनी नागेश्वर राव की याद में डाक टिकट जारी किए गए थे। एक बार फिर भारत पांच महान लोगों के जन्म की 100वीं वर्षगांठ मना रहा है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय उन्हें श्रद्धांजलि देता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किए टिकट

उन्होंने आगे कहा ‘भारत सरकार का डाक विभाग गुरुदत्त जी, ऋत्विक घटक जी, सलिल चौधरी जी, राज खोसला जी और पी. भानुमति जी के सम्मान में डाक टिकट जारी करेगा। इस पहल के जरिए उन्होंने भारतीय सिनेमा की विरासत को सम्मानित करने की कोशिश की। इसके लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और भारत के प्रधानमंत्री का एहसानमंद हूं।’ इसके बाद सुपरस्टार ने प्रधानमंत्री मोदी से मंच पर आने की गुजारिश की। इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के साथ मिलकर स्मारक डाक टिकट जारी किए।

समिट में शामिल हुए बड़े कलाकार

इस शिखर सम्मेलन में भारतीय फिल्म के बड़े कलाकार शामिल हुए। समिट के पहले दिन रजनीकांत, मोहनलाल, शाहरुख खान, आमिर खान, दीपिका पादुकोण, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, नागा चैतन्य, शोभिता धुलिपाला, सारा अली खान और विक्की कौशल शामिल थे। समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र ने किया। ये चार दिन तक चलेगा। सितारों से सजे शिखर सम्मेलन का मकसद भारत के सिनेमा को पूरी दुनिया के दर्शकों के सामने लाना है।

- Advertisement -

साभार : अमर उजाला

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।