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ईसाई धर्म के लोगों ने गायक बादशाह के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. रैपर बादशाह आए दिन सुर्खियों में रहते हैं. इस बार वह अपने नए गाने को लेकर सुर्खियों में हैं. उन पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा है. उनके खिलाफ पंजाब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके लेटेस्ट गाने वेलवेट फ्लो में ईसाई धर्म के बारे में आपत्तिजनक बातें कही गई हैं. मामला पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला शहर में दर्ज किया गया था. इसे लेकर लोगों में आक्रोश है. लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ग्लोबल क्रिश्चियन एक्शन कमेटी के प्रतिनिधि इमानुअल मसीह की औपचारिक शिकायत के बाद मंगलवार (29 अप्रैल) को रैपर बादशाह के खिलाफ किला लाल सिंह पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई. मसीह ने आरोप लगाया कि बादशाह के गाने में ‘चर्च’ और ‘बाइबल’ शब्दों का इस्तेमाल ऐसे संदर्भ में किया गया है, जिससे ईसाई समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है.

बादशाह का गाना वेलवेट फ्लो  को बादशाह ने गाया है और उन्होंने इसके बोल भी लिखे हैं. वेलवेट फ्लो का म्यूजिक हितेन ने तैयार किया है, गाने के वीडियो में बादशाह को यात्रा करते, एयरपोर्ट पर और जिम में कसरत करते हुए दिखाया गया है. पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) गुरविंदर सिंह ने पुष्टि की कि मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मुद्दे से संबंधित है. बटाला में मंगलवार को एक विरोध प्रदर्शन भी किया गया. प्रदर्शनकारियों ने बादशाह पर कमर्शियल फायदे के लिए एक धर्म और उसके पवित्र प्रतीकों का अनादर करने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ़ कार्रवाई की मांग की है. हालांकि अभी तक बादशाह का इस पूरे मामले पर कोई रिएक्शन नहीं आया है.

बता  दें कि बादशाह एक भारतीय रैपर और सिंगर हैं . वह हिंदी, पंजाबी, हरियाणवी और भारतीय पॉप म्यूजिक के लिए जाने जाते हैं. उनका असली नाम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया है.  उन्होंने 2006 में हिप-हॉप सामूहिक माफिया मुंडेर के साथ अपना करियर शुरू किया और बाद में 2012 में एक स्वतंत्र कलाकार के रूप में उभरे.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।