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टीसीए कल्याणी ने महालेखा नियंत्रक (सीजीए) का पदभार ग्रहण किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भारतीय सिविल लेखा सेवा (आईसीएएस) की 1991 बैच की अधिकारी श्रीमती टीसीए कल्याणी ने आज वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में नए महालेखा नियंत्रक (सीजीए) का पदभार संभाला। वह इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन होने वाली 29वीं अधिकारी हैं।

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श्रीमती कल्याणी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्वर्ण पदक के साथ राजनीति विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में स्नातकोत्तर और पश्चिमी यूरोपीय अध्ययन में एम.फिल. की उपाधि भी प्राप्त की है। 34 वर्षों से अधिक की विशिष्ट सेवा के साथ, श्रीमती कल्याणी सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन, शासन और प्रशासन में व्यापक विशेषज्ञता रखती हैं।

उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में रक्षा, दूरसंचार, उर्वरक, वित्त, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सूचना एवं प्रसारण और गृह मंत्रालय सहित प्रमुख मंत्रालयों में कार्य किया है। श्रीमती कल्याणी ने प्रौद्योगिकी को अपनाकर सार्वजनिक सेवा वितरण में पारदर्शिता और दक्षता को निरंतर बढ़ावा दिया है। उर्वरक खरीद सहायता के लिए किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना शुरू करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

श्रीमती कल्याणी ने महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) में ऑनलाइन बिल भुगतान और भुगतान कियोस्क के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन का नेतृत्व किया। उन्होंने भारतीय उर्वरक निगम लिमिटेड के पुनरुद्धार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सीजीए के रूप में कार्यभार संभालने से पहले, श्रीमती कल्याणी ने गृह मंत्रालय में प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक के रूप में कार्य करते हुए बजट एवं लेखांकन की देखरेख की।

अपने समृद्ध अनुभव और सिद्ध नेतृत्व के साथ, श्रीमती कल्याणी से अपेक्षा की जाती है कि वे देश की सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों को और मजबूत बनाएंगी तथा सरकारी लेखांकन में नवाचार व पारदर्शिता को आगे बढ़ाती रहेंगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।