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बीएसएनएल ने अपने “फ्रीडम प्लान” की अवधि 15 दिन बढ़ाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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ग्राहकों की जबरदस्‍त प्रतिक्रिया को देखते हुए बीएसएनएल ने अपने “फ्रीडम प्लान” को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। यह प्‍लान 1 अगस्त को मात्र 1 रुपए में प्रारंभ किया गया था, जिसमें नये ग्राहकों को 30 दिनों के लिए निःशुल्क 4जी मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। यह ऑफर, जो पहले 31 अगस्त 2025 तक था, अब 15 सितंबर 2025 तक उपलब्‍ध रहेगा।

फ्रीडम प्‍लान के फायदे:

  • असीमित वॉयस कॉल (प्‍लान के नियमों व शर्तों के अनुसार)
  • प्रतिदिन 2 जीबी हाई–स्पीड डेटा
  • प्रतिदिन 100 एसएमएस
  • निःशुल्क सिम (दूरसंचार विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार केवाईसी)

योजना की अवधि बढ़ाने की घोषणा करते हुए बीएसएनएल के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री ए. रॉबर्ट जे. रवि ने कहा:

“बीएसएनएल ने हाल ही में ‘मेक-इन-इंडिया’ पहल के अंतर्गत देश भर में अत्याधुनिक 4जी मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया है, जो आत्मनिर्भर भारत के विज़न को आगे बढ़ा रहा है। फ्रीडम प्लान— जिसमें पहले 30 दिनों के लिए कोई सेवा शुल्क नहीं है— ग्राहकों को हमारे स्वदेशी रूप से विकसित 4जी नेटवर्क का अनुभव करने का एक शानदार मौका देता है। हमें विश्वास है कि सेवा की गुणवत्ता, कवरेज और बीएसएनएल ब्रांड पर भरोसा ग्राहकों को इस शुरुआती अवधि के बाद भी हमारे साथ बने रहने के लिए प्रोत्साहित करेगा।”

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फ्रीडम प्‍लान कैसे प्राप्त करें

  1. अपने नजदीकी बीएसएनएल ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी) पर जाएं (अपने साथ वैध केवाईसी दस्तावेज साथ ले जाए)।
  2. फ्रीडम प्लान (1 रुपए एक्टिवेशन) का अनुरोध करें; केवाईसी पूरा करें और अपना निःशुल्क सिम प्राप्त करें।
  3. सिम डालें और दिए गए निर्देशानुसार एक्‍टिवेशन पूरा करें; 30 दिनों के निःशुल्क लाभ एक्टिवशेन की तिथि से शुरू हो जाएंगे।
  4. सहायता के लिए 1800-180-1503 पर कॉल करें या bsnl.co.in पर जाएं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।