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मनु भाकर, डी गुकेश, प्रवीण कुमार और हरमनप्रीत को मिलेगा खेल रत्न सम्मान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. युवा एवं खेल मंत्रालय ने उन एथलीटों की सूची जारी कर दी है, जिन्हें खेल रत्न से सम्मानित किया जाएगा. मनु भाकर, डी गुकेश के अलावा प्रवीण कुमार को भी मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. पेरिस ओलंपिक्स 2024 में अपनी कप्तानी में हॉकी टीम को ब्रॉन्ज मेडल जिताने वाले हरमनप्रीत सिंह को भी खेल रत्न मिलेगा. इन एथलीटों का सम्मान समारोह 17 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति भवन में दोपहर 11 बजे शुरू होगा.

समितियों द्वारा की गई सिफारिश के आधार पर मनु भाकर, डी गुकेश, हरमनप्रीत सिंह और पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को सरकार ने खेल रत्न से सम्मानित करने का निर्णय लिया है. याद दिला दें कि कुछ दिन पहले मनु भाकर का नाम खेल रत्न पुरस्कार मिलने वाले एथलीटों की अनुशंसित सूची में शामिल ना होने से विवाद खड़ा हो गया था. हालांकि बाद में मनु ने खुद माना था कि शायद उन्हीं के पक्ष से गलती हो गई थी.

मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक्स में शूटिंग में 2 मेडल जीतकर इतिहास रचा था. वो एक ही ओलंपिक की एकल प्रतियोगिताओं में 2 अलग-अलग मेडल जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनी थीं. उन्हीं खेलों में हरमनप्रीत सिंह ने अपनी कप्तानी में भारतीय हॉकी टीम को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया था. ये लगातार दूसरा मौका था जब भारत ने ओलंपिक्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता. वहीं डी गुकेश कुछ सप्ताह पहले ही शतरंज के इतिहास के सबसे युवा वर्ल्ड चैंपियन बने. उन्होंने महज 18 वर्ष की उम्र में विश्व विजेता होने का तमगा हासिल किया था. प्रवीण कुमार ने पैरालंपिक्स की टी64 कैटेगरी की हाई-जम्प प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था. बता दें कि खेल मंत्रालय ने कुल 32 एथलीटों की सूची जारी की है, जिन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा. इनमें 17 पैरा एथलीटों को रखा गया है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।