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जापान में महसूस किये गए 6.0 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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टोक्यो. जापान के क्यूशू द्वीप में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक बुधवार (2 अप्रैल 2025) को जापान के क्यूशू में रिक्टर पैमाने पर 6.0 तीव्रता का भूकंप आया. इस भूकंप से लोग घबराकर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए. फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई है.

कई सेकंड तक लोगों ने महसूस किए भूकंप के झटके

भूकंप का केंद्र क्यूशू के दक्षिणी इलाके में था. कई सेकंड तक वहां के लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए. हालांकि जापान के मौसम विभाग के अनुसार भूकंप के बाद सुनामी को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है. जापान भूकंप संभावित क्षेत्र में स्थित है, जिसे पैसिफिक रिंग ऑफ फायर कहा जाता है. न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबकि हाल ही में जापान सरकार ने एक आंकड़ा जारी किया था, जिसमें यह बात सामने आई थी कि जापान में भूकंप के तेज झटके महसूस हो सकते हैं. यह भी बताया गया था कि इस भूकंप से सुनाई जापान में कहर मचाएगी, जिसमें 298,000 लोगों की मृत्यु हो सकती है.

म्यांमार में भूकंप ने मचाई तबाही

पिछले हफ्ते म्यांमार और थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आए भूकंप ने काफी तबाही मचाई है. इन दोनों देशों के अलावा उस दिन भारत में भी भूकंप के झकटे महसूस किए गए थे. थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में निर्माणाधीन एक बहुमंजिला इमारत ढह गई तो वहीं म्यांमार में लाखों लोग बेघर हो गए. म्यांमार में जैसे-जैसे मलबे को हटाया जा रहा है वैसे-वैसे मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है. न्यूज एजेंसी एसोसिएट प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक में पिछले सप्ताह आए भीषण भूकंप में मृतकों की संख्या 3000 से अधिक हो गई. भारत सरकार ने म्यांमार में भूकंप से प्रभावित लोगों की मदद के लिए पांच सैन्य विमानों से राहत सामग्री, बचाव दल और चिकित्सा उपकरण भेजे हैं. चीन सहित दुनिया के कई देशों ने म्यांमार में राहत सामग्री भेजी है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।