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थाईलैंड की ओपल सुचाता चुआंगस्री बनीं मिस वर्ल्ड

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

बैंकाक. 72वें मिस वर्ल्ड 2025 का भव्य समापन हैदराबाद के हाईटेक्स एग्जीबिशन सेंटर में हुआ. थाईलैंड की 21 वर्षीय मॉडल ओपल सुचाता चुआंगस्री ने मिस वर्ल्ड 2025 का ताज अपने नाम किया. इस सौंदर्य प्रतियोगिता में 108 देशों की प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया, लेकिन भारत की नंदिनी गुप्ता टॉप 8 में जगह नहीं बना पाईं. इथियोपिया की हस्सेट डेरेजे अदमासु को रनर-अप घोषित किया गया. भारत की सुंदरी नंदिनी गुप्ता मिस वर्ल्ड 2025 के ताज की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं. नंदिनी गुप्ता ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने अपने आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और सामाजिक मुद्दों पर समझदारी के साथ न सिर्फ जजेस का ध्यान खींचा, बल्कि करोड़ों भारतीयों का दिल भी जीता. उनकी स्माइल, ग्रेस और बुद्धिमत्ता उन्हें भीड़ से अलग बनाती थी.

यह पल नंदिनी और उनके फैंस दोनों के लिए भावुक है. हालांकि ताज नंदिनी के सिर नहीं सजा, लेकिन उन्होंने पूरी दुनिया में भारत की प्रतिभा और संस्कृति की झलक जरूर दिखाई. सोशल मीडिया पर नंदिनी के समर्थन में ढेरों पोस्ट्स आ रही हैं. फैंस कह रहे हैं कि “ताज भले ही न मिला हो, लेकिन हमारे दिलों की क्वीन नंदिनी ही हैं.” बता दें कि नंदिनी गुप्ता का जन्म 13 सितंबर 2003 को राजस्थान के कोटा शहर में हुआ था. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोटा के सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की. वर्तमान में वह मुंबई स्थित लाला लाजपत राय कॉलेज से बिजनेस मैनेजमेंट में स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं. साल 2023 में उन्होंने पहले फेमिना मिस राजस्थान का खिताब जीता. इसी साल उन्होंने फेमिना मिस इंडिया का ताज भी अपने नाम किया था.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।