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नार्वे ने रूस के विरोध में यूक्रेन के अंदर लड़ाकू विमान किये तैनात

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कीव. रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच नॉर्वे ने पोलैंड में अपने एफ-35 लड़ाकू विमानों को तैनात करने का ऐलान किया है. बीते कुछ दिनों से रूस ने यूक्रेन के शहरों पर हमले तेज कर दिए हैं. नॉर्वे ने कहा कि यूक्रेन की सहायता के मद्देनजर रेज्जो-यासेनका एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए ऐसा किया गया है. ऐसे में अब यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या रूस नाटो देश पर हमला करने वाला है. नाटो चार्टर के तहत एक नाटो देश पर हमला पूरे नाटो देशों पर हमले के रूप में देखा जाएगा, जिससे युद्ध का दायरा और बढ़ जाएगा.

हम यूक्रेन और पोलैंड की कर रहे मदद- नॉर्वे

नॉर्वे के रक्षा मंत्री टोरे ओ सैंडविक ने कहा, “नॉर्वे ने यूक्रेन और पॉलैंड के एयरपेस को सुरक्षा देने के लिए एफ-35 की तैनाती का फैसला किया है. हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि यूक्रेन को पूरी सहायता मिल सके और वह अपना संघर्ष जारी रख सके.” उन्होंने कहा कि हम यह मुख्य रूप से यूक्रेन और पोलैंड के लिए कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारा यह कदम दर्शाता है कि नाटों के प्रति हम प्रतिबद्ध हैं.

अमरेका ने नॉर्वे को सौंपे 52 एफ-35 लड़ाकू विमान

पोलैंड के रेज्जो-यासेनका एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए दिसंबर 2024 से नार्वे का NASAMS एयर डिफेंस सिस्टम तैनात है. अप्रैल 2025 के अंत में नॉर्वे को संयुक्त राज्य अमेरिका से ऑर्डर किये गये सभी 52 एफ-35 लड़ाकू विमान मिल गए. संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम सहित NATO सहयोगियों ने हाल ही में USAF F-22 रैप्टर और रॉयल ब्रिटिश एयर फोर्स टाइफून जेट से पोलैंड के एयरस्पेस की निगरानी की थी.

रूस-यूक्रेन जंग तेज

यूक्रेन के सुमी क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए एक रूस ने बहुत बड़ी सेना को जुटान किया है. यूक्रेन यह दावा कर रहा है कि मौजूदा समय में हालात स्थिर हैं और दुश्मन की फौज को जूनाकिवका, यबलुनिवका, नोवोमिकोलेवका, ओलेक्सिएवका और किंडरातिवका की सीमा पर रोक दिया गया है. वहीं रूस का कहना है कि उसकी सेना को रोकना असंभव है और बहुत जल्द पूरी स्थिति को काबू में कर लिया जाएगा.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।