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पीओके में पाकिस्तान की सेना का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, 5 जवानों की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुजफ्फराबाद. पाकिस्तान के कब्जे कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में सोमवार तड़के सेना का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पांच सैन्यकर्मी मारे गए। मृतकों में दो अधिकारी भी शामिल हैं।पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, एमआई-17 हेलिकॉप्टर नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था, जिसमें उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद चालक दल ने जबरन ‘क्रैश-लैंडिंग’ की कोशिश की, लेकिन हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया। यह घटना रात करीब 1 बजे हुडोर गांव के पास हुई, जो दियामेर जिले के ठकदास कैंटोनमेंट से लगभग 12 किलोमीटर दूर है।

इन अधिकारियों और जवानों की मौत

इस हादसे में मारे गए पाकिस्तानी सेना जवानों की पहचान हो गई है। जिनमें पायलट इन कमांड मेजर आतिफ, को-पायलट मेजर फैसल, फ्लाइट इंजीनियर नायब सुबेदार मकबूल, क्रू चीफ हवलदार जहांगीर और क्रू चीफ नायक आमिर शामिल हैं। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण मिशन, ऑपरेशनल तैयारियों को बनाए रखने के लिए नियमित रूप से कराए जाते हैं। इनका मकसद युद्धकालीन मिशन, ऑपरेशनल सपोर्ट, मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों में दक्षता बनाए रखना है।

इससे पहले गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार के प्रवक्ता फैज़ुल्लाह फराक ने पहले कहा था कि ‘हमारे एक हेलिकॉप्टर’ का दियामेर जिले के चिलास इलाके में हादसा हुआ है, जिसमें पांच चालक दल के सदस्य मारे गए। उनके बयान से ऐसा लगा कि यह हेलिकॉप्टर स्थानीय सरकार का था और मारे गए लोग भी वहीं से जुड़े थे। हालांकि कुछ घंटे बाद सेना के मीडिया विंग ने साफ किया कि यह हेलिकॉप्टर सेना का था, जो प्रशिक्षण मिशन पर था।

हेलिकॉप्टर हादसे पर पुलिस का बयान

दियामेर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद ने बताया कि हेलिकॉप्टर एक नवनिर्मित प्रस्तावित हेलीपैड पर टेस्ट लैंडिंग कर रहा था, तभी यह हादसा हो गया। बता दें कि पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से हेलिकॉप्टर हादसे बढ़े हैं। हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा सरकार का एक हेलिकॉप्टर भी दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।