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अफगानिस्तान में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 800 से अधिक हुई, भारत ने भेजी राहत सामग्री

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

काबुल. अफगानिस्तान में रविवार, 31 अगस्त की देर रात आए भूकंप ने तबाही मचा दी है. पाकिस्तान सीमा के पास पूर्वी अफगानिस्तान में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर भले 6.0 रही लेकिन इससे जान-माल की बड़े पैमाने पर हानि हुई है. तालिबान सरकार के प्रवक्ता के अनुसार इस शक्तिशाली भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 800 से अधिक हो गई है, जिनमें से अधिकांश सुदूर कुनार प्रांत में हैं. इसके अलावा हजारों घायल हो गए हैं.

स्थानीय समयानुसार आधी रात को अफगानिस्तान के कुनार और नंगाहार प्रांतों में भूकंप के झटके महसूस किये गये थे. पर्वतीय क्षेत्रों के कई जिलों में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार 6.0 तीव्रता का भूकंप नंगाहार प्रांत के जलालाबाद शहर से 27 किमी पूर्व में केंद्रित था. भूकंप का केंद्र जमीन से सिर्फ 8 किमी (5 मील) की गहराई पर था. लगभग 20 मिनट बाद उसी प्रांत में दूसरा भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 4.5 थी और गहराई 10 किलोमीटर थी.

कल से भारत से और राहत सामग्री अफगानिस्तान भेजी जाएगी- जयशंकर

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि कल से भारत से और राहत सामग्री अफगानिस्तान भेजी जाएगी. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. इस कठिन समय में भारत अफगानिस्तान के साथ खड़ा है. वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत प्रभावित लोगों को हरसंभव मानवीय सहायता एवं राहत प्रदान करने के लिए तैयार है. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मावलवी अमीर खान मुत्ताकी से बात की. भूकंप में हुई जानमाल की हानि पर अपनी संवेदना जताई. (उन्हें यह भी) बताया कि भारत ने आज काबुल में 1,000 परिवारों के लिए टेंट पहुंचाए हैं.’’

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।