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फिलीपींस में 6.9 तीव्रता के भूकंप से 69 लोगों की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मनीला. फिलीपींस में भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है. मध्य फिलीपींस के सेबू प्रांत में मंगलवार, 30 सितंबर की रात आए 6.9 तीव्रता के भूकंप से ऐसे धरती हिली कि अब तक कम से कम 69 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. भारत के प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने भूकंप से हुए जान-माल के नुकसान पर अपनी संवेदना जताई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “फिलीपींस में भूकंप के कारण हुई जानमाल की हानि और व्यापक क्षति के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ. मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूंं. भारत इस कठिन समय में फिलीपींस के साथ एकजुटता से खड़ा है.”

फिलीपींस में क्या हुआ?

फिलीपींस के ज्वालामुखी और भूकंप विज्ञान संस्थान ने बताया कि स्थानीय समयानुसार मंगलवार को रात 9:59 बजे सेबू प्रांत में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया. संस्थान ने बाद में तीव्रता को संशोधित कर 6.9 कर दिया और बताया कि भूकंप बोगो शहर से लगभग 19 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में, 5 किलोमीटर की गहराई पर आया. भूकंप का झटका मध्य फिलीपींस के कई पड़ोसी प्रांतों के साथ-साथ दक्षिणी फिलीपींस के कुछ क्षेत्रों में भी महसूस किया गया. फिलीपीन सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि तेजी से हो रहे नुकसान के आकलन के आधार पर विदेशी सरकारों से मदद मांगी जाए या नहीं. भारत के अलावा अबतक संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ ने शोक व्यक्त किया है.

कई गांवों की सड़कों को भी नुकसान पहुंचा. भूकंप के कारण बिजली की लाइनें टूट गईं, जिससे सेबू और आसपास के मध्य द्वीपों में बिजली गुल हो गई. हालांकि, फिलीपींस के राष्ट्रीय ग्रिड निगम ने एक अपडेट में कहा कि सेबू और चार अन्य प्रमुख मध्य द्वीपों में आधी रात के तुरंत बाद बिजली बहाल कर दी गई. फिलीपींस प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” पर स्थित है, जो भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधि के लिए संवेदनशील क्षेत्र है.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।