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डीआरआई ने तूतीकोरिन में 10.42 करोड़ रुपये मूल्य की 45,984 ई-सिगरेट जब्त की, 3 गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने तूतीकोरिन बंदरगाह पर 10.41 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट से जुड़े एक बड़े तस्करी रैकेट का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई अधिकारियों को विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली थी कि ई-सिगरेट की तस्करी में शामिल एक गिरोह ने छतरी के साथ तूतीकोरिन बंदरगाह के माध्यम से चीन से ई-सिगरेट वाले एक कंटेनर को भारत में आयात करने की योजना बनाई है। उक्त जानकारी के आधार पर डीआरआई के अधिकारियों ने 27 नवंबर, 2025 को तूतीकोरिन में उक्त कंटेनर को रोका और उसकी जांच की।

उक्त कंटेनर की जांच के दौरान, कुछ डिब्बों में छतरियों का घोषित कार्गो पाया गया, जबकि एक बड़े हिस्से में छुपा कर रखी गई ई-सिगरेट पाई गई। सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत 27 नवंबर, 2025 को 4.30 लाख रुपये मूल्य के 4,300 छतरियों के साथ छुपाई गई मिश्रित स्वादों की कुल 45,984 ई-सिगरेट मिलीं, जिनकी कुल कीमत 10.41 करोड़ रुपये है।

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तेजी से कार्रवाई करते हुए, अधिकारियों ने खेप को ले जाने में शामिल चेन्नई के तीन व्यक्तियों को पकड़ लिया और सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया।

ई-सिगरेट का आयात इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 (पीईसीए अधिनियम) के साथ पठित डीजीएफटी अधिसूचना सं. 20/2015-2020 दिनांक 26 सितंबर, 2019 के तहत और सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित है।

डीआरआई देश भर में निरंतर सतर्कता और प्रवर्तन की कार्रवाइयों के माध्यम से ई-सिगरेट जैसे प्रतिबंधित और हानिकारक सामानों की तस्करी पर अंकुश लगाकर देश के आर्थिक हितों और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।