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लहराती नौवारी (9-गज) साड़ी और चमकदार नथ: सोनी सब के शो ‘इत्ती सी खुशी’ में पारंपरिक दुल्हन के रूप में दमक उठीं सुम्बुल तौकीर ख़ान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई, दिसंबर 2025: सोनी सब का शो ‘इत्ती सी खुशी’ अब अपने सबसे भावुक और निर्णायक पड़ावों में से एक में प्रवेश कर रहा है। अन्विता (सुम्बुल तौकीर ख़ान), जो अब भी अपनी सगाई के दिन विराट (रजत वर्मा) के अचानक गायब हो जाने के सदमे से उबर नहीं पाई है, एक ऐसा फैसला लेती है, जो उसकी जिंदगी की दिशा बदल देता है। वह अपने अधूरे प्रेम से ऊपर उठकर जिम्मेदारी को चुनती है और अपने बचपन के दोस्त संजय (ऋषि सक्सेना) से शादी करने का निर्णय लेती है। यह मोड़ न सिर्फ उसकी जिंदगी, बल्कि शो की कहानी को भी नया रूप देता है।

शादी का ट्रैक शुरू होते ही, सुम्बुल ने अन्विता के मराठी दुल्हन वाले लुक की पहली झलक सामने लाई है। गहरे हरे रंग की रिच नौवारी साड़ी, जिस पर बारीक सुनहरे बॉर्डर और बूटे बने हैं, के साथ डीप मैजेंटा ब्लाउज—यह पूरा लुक परंपरा, गरिमा और उसकी शांत मजबूती को बखूबी दर्शाता है। माथे पर सजी क्लासिक मुंडावल्या, नाज़ुक नथ, परतदार सोने के गहने, सफ़ाई से बने जूड़े पर सजी मोगरे की गजरा, हल्की मेंहदी और सटल मेकअप—ये सब मिलकर एक भावुक और सदाबहार दुल्हन का खूबसूरत पल रचते हैं।

अपने लुक और इस पल को पर्दे पर साकार करने के अनुभव के बारे में बात करते हुए सुम्बुल ने कहा, “आमतौर पर हम देखते हैं कि लीड्स अपने बड़े दिन पर लहंगे में नज़र आती हैं, इसलिए इस मराठी ब्राइडल लुक में आना मेरे लिए एक बिल्कुल नया और तरोताजा अनुभव था। मैंने पहले भी नौवारी पहनी है, लेकिन दुल्हन के रूप में इसे पहनना एक बिलकुल अलग एहसास था। जैसे ही साड़ी की ड्रेपिंग पूरी हुई और नथ पहनी, भीतर कुछ बदल-सा गया। बचपन से मैंने मराठी दुल्हनों को बड़े सलीके से तैयार होते देखा है—हरी चूड़ियाँ, नथ, मुंडावल्या पहनते हुए—और आज मैं खुद वही सब पहनकर तैयार हो रही थी। शूट के दौरान मैं सच में अन्विता की सारी भावनाएँ महसूस कर पा रही थी—प्यार, उम्मीद, घबराहट… सब एक साथ। ऐसा लग रहा था जैसे मैं सीधे उसकी दुनिया में कदम रख रही हूँ। यह मेरे कॅरियर के सबसे यादगार लुक्स में से एक है, और मुझे सच्चे दिल से खुशी है कि अन्विता के इस नए अध्याय को दर्शकों से इतना प्यार मिल रहा है।”

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आईजी लिंकः https://www.instagram.com/p/DRwAeQ3jWeo/?img_index=1

देखना न भूलें ‘इत्ती सी खुशी’, हर सोमवार से शनिवार रात 9 बजे, सिर्फ़ सोनी सब पर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।