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हमें पुतिन से ज्यादा अवैध प्रवासियों के बारे में सोचना चाहिए : डोनाल्ड ट्रंप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

वाशिंगटन. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ सरे आम विवाद को के बाद डोनाल्ड ट्रंप की खूब आलोचना हो रही है. मुलाकात के दौरान हुई बहस के बाद से जेलेंस्की को यूरोप का भरपूर साथ मिला. जिसको देखते हुए ट्रंप ने अब यूरोप पर जबानी हमला कर दिया है. ट्रंप ने कहा कि यूरोप को रूसी और व्लादिमीर पुतिन के बारे में चिंता करने में कम समय बिताना चाहिए.

क्या कहा ट्रंप ने?

अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर ट्रंप ने कहा,’हमें पुतिन के बारे में चिंता करने में कम समय बिताना चाहिए और हमारे देश में प्रवेश करने वाले प्रवासी बलात्कार गिरोहों, ड्रग लॉर्ड्स, हत्यारों और मानसिक संस्थानों के लोगों के बारे में ज्यादा समय बिताना चाहिए – ताकि हम यूरोप की तरह न बन जाएं.’ ट्रंप के इस बयान से पहले यूरोपीय नेताओं ने जेलेंस्की का समर्थन किया था.

जेलेंस्की से भिड़ गए थे ट्रंप-जेडी वेंस

व्हाइट हाउस में ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जेलेंस्की को पत्रकारों के सामने फटकार लगाई, जिससे ट्रंप की नीति में बड़ा बदलाव दिखा और रूस के प्रति उनके झुकाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई. इससे पहले भी ट्रंप रूस के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने की वकालत कर चुके हैं, जिससे यूरोपीय देशों में चिंता बढ़ गई है. कई लोग आशंका जता रहे हैं कि अमेरिका यूक्रेन के समर्थन से पीछे हट सकता है.

‘अवैध प्रवासियों पर लगी रोक’

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके शासन में अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर अवैध प्रवास सबसे कम हुआ है. उन्होंने कहा,’फरवरी में सिर्फ 8326 अवैध प्रवासी पकड़े गए, जिन्हें तुरंत देश से बाहर निकाल दिया गया या कानूनी कार्रवाई की गई.’ ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर निशाना साधते हुए कहा कि बाइडेन के शासन में हर महीने 3 लाख अवैध प्रवासी अमेरिका में घुसते थे और सभी को देश में छोड़ दिया जाता था.’

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‘अब बॉर्डर सुरक्षित है’

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों की वजह से अब बॉर्डर पूरी तरह बंद है और जो भी अवैध रूप से घुसने की कोशिश करेगा, उसे कड़ी सजा और तुरंत देश से बाहर निकाला जाएगा. उनके डिप्टी जेडी वांस ने भी कहा कि अमेरिका और यूरोप के लिए सबसे बड़ा खतरा अवैध प्रवासन है.

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।