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सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर इलाहबादिया के शो पर से सशर्त रोक हटाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. इंडियाज गॉट लेटेंट शो से जुड़े वल्गर कॉमेडी मामले में यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया और आशीष चंचलानी की याचिकाओं पर सोमवार (3 मार्च, 2025) को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर से गुवाहाटी पुलिस के सामने जांच के लिए पेश होने को कहा है. कोर्ट ने रणवीर इलाहबादिया के वकील के अनुरोध पर उनके किसी भी शो को प्रसारित करने पर लगी रोक हटा दी है, लेकिन शर्त रखी कि हर आयु वर्ग के देखने योग्य सामग्री ही बनाएं. कोर्ट ने केंद्र सरकार से अश्लील सामग्री पर नियंत्रण के लिए सुझाव देने को कहा है.

कोर्ट ने कहा कि रणवीर पहले जांच में शामिल हो, फिर विदेश जाने देने के अनुरोध पर विचार करेंगे. रणवीर इलाहाबादिया के लिए पेश वकील अभिनव चंद्रचूड़ ने जजों से कहा, ‘आपने मेरे किसी भी शो को प्रस्तुत करने पर पाबंदी लगा दी है, लेकिन मुझसे 280 लोग जुड़े हैं. उनकी भी जीविका का सवाल है. मैं इस तरह के कॉमेडी शो के अलावा भी बहुत से कार्यक्रम करता हूं. मुझे उनकी अनुमति दी जाए.’ इस पर जजों ने कहा, ‘आपको यह अनुमति दी जा रही है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि हर सामग्री मर्यादा के दायरे में ही होनी चाहिए.

रणवीर इलाहाबादिया ने विदेश जाकर कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति भी मांगी थी, इस पर कोर्ट ने उन्हें पहले जांच में शामिल होने के लिए कहा है. उसके बाद उनके दूसरे अनुरोध पर विचार किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केस को प्रभावित करने वाली कोई सामग्री प्रसारित न करें.  सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कॉमेडियन समय रैना की तरफ से अदालती कार्यवाही का मजाक बनाने वाली टिप्पणी का भी जिक्र किया और नाराजगी जताई. इस पर जज ने कहा, ‘युवा यह न समझें कि हमारी पीढ़ी कुछ नहीं समझ पाती. हम जरूरत के मुताबिक उचित कार्रवाई कर सकते हैं.’

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।