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राम मंदिर पर हमले की साजिश रचने की कोशिश करने वाला आईएसआई एजेंट गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

अयोध्या. गुजरात एटीएस और फरीदाबाद स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संयुक्त ऑपरेशन में फरीदाबाद से आतंकी कनेक्शन के संदेह में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत निष्क्रिय करा दिया. सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर पर हमले की साजिश रच रहा था. संदिग्ध की पहचान अब्दुल रहमान (19) के रूप में हुई है. वह उत्तर प्रदेश के फैजाबाद का निवासी है. हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब्दुल रहमान से अतिरिक्त जानकारी के लिए गहन पूछताछ कर रही हैं. रहमान के मोबाइल और अन्य बरामद सामग्रियों की भी जांच की जा रही है.

सूत्रों के अनुसार, अब्दुल रहमान कई दिनों से फरीदाबाद के पाली गांव में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था. जब अधिकारियों ने उससे संपर्क किया तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया. गुजरात एटीएस ने फरीदाबाद एसटीएफ की मदद से इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया. जांच एजेंसियां ​​अब अब्दुल रहमान के संपर्कों का पता लगाने और उसके इरादों का पता लगाने में जुटी हैं. घंटों पूछताछ के बाद आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया.

सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, अब्दुल रहमान आईएसआई के आईएसकेपी (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस) मॉड्यूल से जुड़ा है. ऐसा माना जा रहा है कि इस मॉड्यूल में अब्दुल रहमान के अलावा और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है. गौरतलब है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद किया गया था. 22 जनवरी, 2024 को प्राण प्रतिष्ठा की रस्म अदा की थी. तब से मंदिर में राम भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।