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पाकिस्तान के नेताओं और क्रिकेट खिलाड़ियों के सोशल मीडिया अकाउंट भारत में बैन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. पहलगाम हमले के बाद भारत कड़े एक्शन प्लान बना रहा है. बीते दिन पाकिस्तान के 16  चैनलों को एक साथ बैन किया गया था. इसके बाद क्रिकेटर शाहिद अफरीदी का चैनल बंद किया गया था. अब भारत ने पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ का यूट्यूब चैनल बैन कर दिया है. बैन करने के पीछे की वजह भी सामने आई है.

ख्वाजा आसिफ का अकाउंट हुआ था बैन

ब्लॉक किए गए प्रोफाइल में लिखा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित सरकार के आदेश के कारण यह भारत में उपलब्ध नहीं है. इसके अलावा बता दें कि यह पाकिस्तानी वित्त मंत्री ख्वाजा आसिफ और आईएसपीआर (पाकिस्तानी सेना की प्रचार शाखा) के बाद सरकार द्वारा ब्लॉक किया गया सबसे बड़ा हाई-प्रोफाइल अकाउंट है. सरकार ने न केवल पाकिस्तानी राजनीतिक नेताओं के अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई की है, बल्कि खिलाड़ियों, सोशल मीडिया प्रभावितों और समाचार चैनलों के खिलाफ भी कार्रवाई की है. पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद रिजवान, बाबर आजम और शाहीन अफरीदी के इंस्टाग्राम अकाउंड भारत में बैन हो गए हैं. बता दें इन खिलाड़ियों के भारत में भी काफी फॉलोअर्स हैं लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद अब पाकिस्तानी क्रिकेटरों को बड़ा झटका दिया गया है.

रिजवान ने कही थी अजीबोगरीब बात

मोहम्मद रिजवान ने भारत की ओर से हो रही इस कार्रवाई पर बड़ी अजीब बात कही थी. रिजवान ने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं कि भारत क्या और क्यों कर रहा है क्योंकि वो मोबाइल देखते ही नहीं हैं. उन्होंने कहा कि क्रिकेट को हमेशा राजनीति से दूर रखना चाहिए, साथ ही उन्होंने बताया कि विराट कोहली जैसे खिलाड़ी जब उनसे मिलते हैं तो बड़े प्यार-मोहब्बत की बातें होती हैं. मोहम्मद रिजवान शायद ये भूल गए कि उनके मुल्क के दिखाने के दांत कुछ और हैं और खाने के कुछ और.

साभार : जी न्यूज, टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।