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बीएलए ने पाकिस्तानी सेना के सैन्य प्रतिनिधि बाबुल मोहम्मद हसनी को किया ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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क्वेटा. बलूचिस्तान के क्वेटा में पाकिस्तानी सेना के एजेंट बाबुल मोहम्मद हसनी को बलूचिस्तान आर्मी द्वारा मार गिराने का दावा किया जा रहा है। कई सोशल मीडिया के हैंडल पर क्वेटा में ब्रेवरी बाईपास पर चुंबकीय बम विस्फोट में हसनी के मारे जाने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि बीएलए के एक ब्लास्ट में पाक सरकार समर्थित मिलिशिया (डेथ स्क्वाड) के सदस्य बाबुल मोहम्मद हसनी की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।

एक कार में धमाके के साथ मारा गया हसनी

बताया जा रहा है कि हसनी मारा गया है और उसके 4 अन्य साथी एक धमाके में घायल हो गए हैं। यह धमाका उस समय हुआ जब बाबुल मोहम्मद हसनी और उनके साथ चल रहे चार अन्य लोग एक वाहन में सवार थे। विस्फोट की वजह से बाबुल हसनी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए हैं। घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बीएलए ने लिया जिम्मा

कहा जा रहा है कि इस हमले की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है, जो पाकिस्तान के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र में सक्रिय एक अलगाववादी और सैन्य समूह है। BLA पिछले कई वर्षों से बलूचिस्तान क्षेत्र में पाकिस्तानी सरकार और सेना के खिलाफ हथियारबंद संघर्ष कर रहा है और सरकार समर्थित मिलिशिया को अपने मुख्य दुश्मन के रूप में देखता है। चुंबकीय बम का इस्तेमाल इस प्रकार के हमलों में अक्सर किया जाता है, जहां निशाना बनने वाले व्यक्ति के वाहन के नीचे बम लगाया जाता है, जो किसी दूर से नियंत्रित डिवाइस से विस्फोटित किया जाता है। इस तकनीक से आतंकवादी या विद्रोही ताकतें तेज और सटीक हमले कर पाती हैं।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।