लोड हो रहा है...

भारत में फिर दिखने लगे पाकिस्तानी कलाकारों के सोशल मीडिया अकाउंट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

मुंबई. भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद से तनाव चल रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के एक्टर्स ने भारत के खिलाफ काफी कुछ कहा था. जिसके बाद पाकिस्तानी सेलेब्स का इंस्टाग्राम अकाउंट भारत से बैन करदिया गया था. लेकिन अब दो महीने बाद ये बैन हटा दिया गया है. पाकिस्तान की कई हसीनाएं और एक्टर की इंस्टा प्रोफाइल फिर से दिखने लगी है. चलिए जानते हैं इस लिस्ट में किस-किसका नाम है.

करीब दो महीने से ब्लॉक था अकाउंट

पाकिस्तानी एक्ट्रेस मावरा हुसैन (Mawra Hocane) का इंस्टाग्राम अकाउंट करीब दो महीने से भारत में ब्लॉक था. लेकिन अब इस पर प्रतिबंध हटा दिया गया है. भारतीय यूजर्स एक्ट्रेस की प्रोफाइल पर एक्सेस कर पा रहे हैं. मावरा के सभी पोस्ट से लेकर उकी इंस्टाग्राम स्टोरी को भी देखा जा सकता है. उन्होंने अपनी बॉलीवुड फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ का एक वीडियो भी शेयर किया है. बता दें, मावरा को उनकी बॉलीवुड फिल्म के लिए आज भी काफी ज्यादा पसंद किया जाता है.

इन एक्टर्स के भी दिखने लगे अकाउंट

बता दें, मावरा होकेन ही नहीं, पाकिस्तानी एक्ट्रेस लाइबा खान, सबा कमर, हिबा बुखारी, युमना जैदी की भी इंस्टाग्राम प्रोफाइल दिखने लगी है. इसके अलावा एक्टर अली अंसारी, दानिश तैमूर, दानानीर मोबीन, अहद रजा मीर और के इंस्टाग्राम अकाउंट से भी बैन हट गया है. लेकिन अभी भी पाकिस्तान के कई बड़े सेलेब्स के अकाउंट पर बैन लगा हुआ है. जिनमें शाहरुख खान की फिल्म रईस में नजर आईं माहिरा खान, सिंगर अतिफ असलम, फवाद खान और हाल ही में दिलजीत दोसांझ की फिल्म सरदार जी 3 को लेकर चर्चा में आई हानिया आमिर का नाम शामिल है.

साभार : न्यूजनेशन

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।