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एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजना-विशिष्ट जानकारी वाले क्यूआर कोड साइन बोर्ड स्थापित करेगा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए पारदर्शिता बढ़ाने और ‘आवागमन में सुगमता’ प्रदान करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों पर प्रासंगिक परियोजना विशिष्ट-जानकारी और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर प्रदान करने के लिए ‘त्वरित प्रतिक्रिया कोड’ वाले परियोजना सूचना साइन बोर्ड स्थापित करेगा।

ये ऊर्ध्वाधर क्यू आर कोड साइन बोर्ड परियोजना-विशिष्ट जानकारी देंगे, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या, राजमार्ग श्रृंखलन, परियोजना की लंबाई, निर्माण/रखरखाव अवधि, राजमार्ग गश्ती दल, टोल प्रबंधक, परियोजना प्रबंधक, रेजिडेंट अभियंता, आपातकालीन हेल्पलाइन 1033, एनएचएआई क्षेत्रीय कार्यालय के विवरण के साथ-साथ नजदिकी सुविधाओं जैसे अस्पताल, पेट्रोल पंप, शौचालय, पुलिस स्टेशन, रेस्टोरेंट, टोल प्लाजा तक की दूरी, ट्रक ले-बाय, पंचर मरम्मत की दुकान और वाहन सेवा केन्द्र/ई-चार्जिंग स्टेशन आदि की जानकारी शामिल होगी।

आसानी से दिखाई देने हेतु सुनिश्चित करने के लिए ‘त्वरित प्रतिक्रिया कोड’ युक्त साइन बोर्ड  राजमार्ग के किनारे स्थित सुविधाओं, विश्राम स्थलों, टोल प्लाजा, ट्रक ले-बाय, राजमार्ग प्रारंभ/समापन बिंदुओं तथा साइन बोर्डो के पास लगाए जाएंगे, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को सुविधा हो सके।​

परियोजना-विशिष्ट जानकारी और पारदर्शिता उपलब्ध कराने के साथ-साथ त्वरित प्रतिक्रिया कोड साइन बोर्ड न केवल आपातकालीन और स्थानीय जानकारी तक बेहतर पहुंच के माध्यम से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने, बल्कि देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रति उपयोगकर्ता अनुभव और जागरूकता में भी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।