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डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शुरू हुआ अमेरिका से अवैध प्रवासी भारतीयों को निकालने का काम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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वॉशिंगटन. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिका ने आप्रवासियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए सामूहिक निर्वासन शुरू किया है। इसी के तहत अमेरिका से सोमवार को एक अमेरिकी सैन्य विमान प्रवासियों को लेकर भारत के लिए रवाना हो गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया है कि सी-17 सैन्य विमान प्रवासियों को लेकर रवाना हुआ है। अधिकारी ने बताया कि यह विमान कम से कम 24 घंटे से पहले नहीं पहुंचेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वॉइट हाउस में वापसी के बाद से यह भारत में पहला निर्वासन होगा।अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ अपनी-अपनी बातचीत के दौरान अमेरिका में भारतीयों के अवैध रूप से पहुंचने को लेकर चिंता जताई है। इसके पहले भारत ने देश से जाने वाले अवैध प्रवासियों को वापस लेने पर सहमति जताई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत 18000 अवैध आप्रवासियों को वापस लेगा।

सेना की मदद से निर्वासन अभियान

ट्रंप प्रशासन ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान में सहायता के लिए अमेरिकी सेना से मदद मांगी है। इसके लिए अमेरिका और मेक्सिको सीमा पर अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं। प्रवासियों को वापस भेजने के लिए सैन्य विमान का उपयोग किया जा रहा है और उन्हें रखने के लिए सैन्य अड्डे खोले हैं। निर्वासन उड़ानों से अवैध चिह्नित किए गए प्रवासियों को ग्वाटेमाला, पेरू और होंडुरास पहुंचाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सबसे दूर स्थान होगा, जहां डिपोर्टेशन फ्लाइट जाएगी।

ट्रंप और मोदी की आप्रवासन पर चर्चा

ट्रंप ने पिछले महीने शपथ ग्रहण के बाद पीएम मोदी के साथ पहली फोन वार्ता के बाद बताया था कि उन्होंने आप्रवासन पर चर्चा की है और कहा कि जब अवैध आप्रवासियों को वापस लेने की बात आएगी तो भारत वही करेगा ‘जो सही है।’ वॉइट हाउस ने बताया था कि दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक बातचीत हुई और उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने और करने को लेकर चर्चा की।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।