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अयोध्या में दूसरी बार शुरू हुआ रामलला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के अयोध्या की राम मंदिर में पिछले साल 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह किया गया और राम लला को स्थापित किया गया था. अब दूसरा प्राण प्रतिष्ठा समारोह होने जा रहा है, जो दो दिन चलेगा. इसकी शुरुआत आज, 3 जून से हो गई है और ये 5 जून तक चलेगा. इसके लिए राम मंदिर को रोशनी से जगमग किया गया है. जहां पहले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भगवान राम के बालक रूप को स्थापित किया गया था. वहीं अब इस बार भगवान राम राजा के रूप में स्थापित किए जाएंगे. राजा राम की स्थापना के साथ दूसरे प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर सात बाकी उप मंदिरों में स्थापित मूर्तियों की भी प्राण प्रतिष्ठा होगी. इनमें परकोटा पर शिवलिंग, अग्नि कोण में श्रीगणेश, महाबली हनुमान, सूर्य देवता, मां भगवती, अन्नपूर्णा माता के विग्रह, मंदिर के फर्स्ट फ्लोर पर राम दरबार और परकोटा के शेषावतार प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होगी.

16 महीने बाद राजा राम की प्रतिष्ठा

भगवान राम के बालक रूप की प्राण प्रतिष्ठा के 16 महीने बाद अब राजा राम की प्रतिष्ठा होने जा रही है. इसको लेकर श्रद्धालुओं में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. दूसरे प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे. इस बार प्राण प्रतिष्ठा समारोह का मुहूर्त अयोध्या के प्रख्यात आचार्य पंडित प्रदीप शर्मा, आचार्य राकेश तिवारी और आचार्य रघुनाथ दास शास्त्री ने निकाला है. राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है. अब मंदिर के फर्स्ट फ्लोर पर राम राजा का दरबार होगा. उनके दरबार में अनुज लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, माता जानकी और सेवक हनुमान होंगे. इसके साथ ही फर्स्ट फ्लोर पर राम दरबार के साथ परकोटा के छह मंदिर शिवलिंग, गणपति, हनुमान, सूर्य, भगवती और अन्नपूर्णा के साथ शेषावतार मंदिरों में देव विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा होगी.

प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान और कार्यक्रम

दूसरे प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान और कार्यक्रम की बात करें 2 जून को सरयू तट से मातृ शक्तियां तक जल कलश यात्रा निकाली गई. कलश यात्रा के अगले दिन तीन दिन आयोजन ज्येष्ठ शुक्ल की अष्टमी तीन जून से शुरू होकर दशमी पांच जून को पूजा, भोग और आरती के साथ पूरा होगा. 5 जून से सुबह 6:30 बजे अनुष्ठान शुरू होग, जो 11:20 तक चलेगा. अभिजीत मुहूर्त के दौरान ही राजा राम की प्राण प्रतिष्ठा होगी. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र सपत्नीक प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य यजमान होंगे.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।