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यूक्रेन ने 1100 किलोग्राम विस्फोटक लगा रूस और क्रीमिया को जोड़ने वाला पुल उड़ाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कीव. यूक्रेन की सिक्योरिटी सर्विस (एसबीयू) ने मंगलवार (3 जून, 2025) को दावा किया कि उन्होंने रूस और क्रीमिया को जोड़ने वाले सड़क और रेल पुल को जल स्तर से नीचे विस्फोटकों से क्षतिग्रस्त कर दिया है. एसबीयू ने एक बयान में कहा कि इस पुल को उड़ाने के लिए 1,100 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था, जिससे सुबह-सुबह विस्फोटक किया गया और पुल के पानी के नीचे के बने खंभों को उड़ा दिया. ये अतीत में यूक्रेन में रूसी सेना के लिए एक प्रमुख आपूर्ति मार्ग था.

‘पुल को फिर से खोल दिया गया है’

रूसी अधिकारियों ने बताया कि इस पुल का संचालन स्थानीय समयानुसार सुबह 4 बजे से सुबह 7 बजे के बीच लगभग तीन घंटे के लिए निलंबित कर दिया गया था. बाद में बताया कि पुल को फिर से खोल दिया गया है और यह सामान्य रूप से काम कर रहा है. एसबीयू ने अपने बयान में कहा, “इससे पहले हमने 2022 और 2023 में दो बार क्रीमियन ब्रिज पर हमला किया था. उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हमने आज पानी के नीचे विस्फोट किया. साथ ही कहा कि इस ऑपरेशन की तैयारी कई महीनों से की जा रही थी. एसबीयू ने एक वीडियो फुटेज शेयर किया है, जिसमें पुल के कई सहायक स्तंभों में से एक के बगल में विस्फोट हुआ.

हमला असफल रहा- रूसी सैन्य ब्लॉगर्स

रॉयटर्स ने इस विस्फोट की पुष्टि की है, जो सेटेलाइट और फाइल इमेजरी से मेल खाता है. हालांकि, रॉयटर्स ये सत्यापित करने में सक्षम नहीं है कि ये वीडियो कब बनाया गया. वहीं, एक रूसी सैन्य ब्लॉगर्स ने कहा कि हमला असफल रहा और अनुमान लगाया कि यह एक यूक्रेनी समुद्री ड्रोन द्वारा किया गया था. केर्च जलडमरूमध्य पर बना 19 किमी लंबा क्रीमिया ब्रिज रूस के परिवहन नेटवर्क और क्रीमिया प्रायद्वीप के बीच एकमात्र सीधा संपर्क है, जिसे मॉस्को ने 2014 में यूक्रेन से अलग कर दिया था.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।