सोमवार, सितंबर 21 2026 | 06:49:08 AM

चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव को दिया नोटिस, माँगा जवाब

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

पटना. बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं. उन पर दो अलग-अलग वोटर आईडी कार्ड रखने का आरोप लगा है, जिसे लेकर पटना के दीघा थाने में एक वकील ने शिकायत दर्ज कराई है. दीघा थाना क्षेत्र के रहने वाले वकील राजीव रंजन ने पुलिस को एक आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि तेजस्वी यादव ने नियमों का उल्लंघन करते हुए दो अलग-अलग ‘एपिक नंबर’ (EPIC Number) रखे हैं. शिकायतकर्ता राजीव रंजन ने अपने आवेदन में कहा है कि तेजस्वी यादव दीघा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं, लेकिन उन्होंने दो अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र बनवाए हैं, जो कि चुनाव कानूनों का सीधा उल्लंघन है. उन्होंने पुलिस से इस मामले की गंभीरता से जांच करने और तेजस्वी यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.

चुनाव आयोग ने भी भेजा नोटिस

यह शिकायत ऐसे समय में आई है जब चुनाव आयोग भी इस मामले में सक्रिय हो गया है. चुनाव आयोग ने भी तेजस्वी यादव को नोटिस जारी कर इस पूरे मामले पर जवाब मांगा है. आयोग ने उनसे इस आरोप पर स्पष्टीकरण देने को कहा है. यह घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है. दीघा थाने में इस शिकायत पर एक मिनी जांच की जा रही है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि आरोप कितने सही हैं. यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो तेजस्वी यादव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है, क्योंकि दो वोटर आईडी कार्ड रखना एक गंभीर अपराध है.

बिहार की राजनीति गरम

इस मामले ने बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है. विपक्ष इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर सकता है, जबकि राजद की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी इस आरोपों का कैसे जवाब देते हैं और चुनाव आयोग के नोटिस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.

साभार : न्यूज18

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।